By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 20, 2026
आईआईटी मुंबई के 22 वर्षीय एक छात्र की कथित आत्महत्या की जांच अपने हाथ में लेने वाली अपराध शाखा पूछताछ के लिए संस्थान के एक प्रोफेसर और अन्य को तलब कर सकती है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मामले में प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है और इसकी जांच सहायक पुलिस आयुक्त (खुफिया) के नेतृत्व में की जाएगी।
वाकोडे के अभिभावक की शिकायत पर पवई पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। वाकोडे के अभिभावकों ने दावा किया कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था। इस घटना के बाद परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वाकोडे को शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने से रोकने की धमकी दी गई और भारी दबाव बनाया गया था। मामला शनिवार रात अपराध शाखा को सौंप दिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा पूछताछ के लिए आरोपी प्रोफेसर और अन्य को तलब कर सकती है।
आईआईटी मुंबई के एक बयान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के दौरान उत्तर के लिए प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। हालांकि, उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। निरीक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से इस मामले पर चर्चा की और उसे समझाया।
उन्होंने उसे आश्वस्त किया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया और शाम को बाद में मृत पाया गया। यह सात महीने में आईआईटी मुंबई परिसर में आत्महत्या का तीसरा मामला है।
फरवरी में द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने छात्रावास में आत्महत्या कर ली थी। जुलाई में नए सेमेस्टर की शुरुआत के दौरान 20 वर्षीय बीटेक द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने भी आत्महत्या कर ली।