By रेनू तिवारी | Jul 13, 2026
मैदानी इलाकों में मॉनसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर देश के बड़े हिस्से में बादलों की जोरदार गर्जना होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार से देश भर में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों के भीतर उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने जिन राज्यों में अगले चार दिनों तक सतर्क रहने को कहा है, उनकी सूची इस प्रकार है:-
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा। इन इलाकों के निवासियों को स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य मैदानी इलाकों के लिए मौसम का हाल
IMD ने अगले दो से तीन दिनों में पश्चिम बंगाल और बिहार में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। उत्तर प्रदेश में, अगले 24 घंटों में पूर्वी और पश्चिमी दोनों इलाकों में आंधी और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं, राजस्थान के कुछ हिस्सों, जैसे बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चुरू ज़िलों में 14 और 15 जुलाई को हल्की बारिश होने की उम्मीद है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी और तेज़ हवाएं चलने की भी संभावना है।
दिल्ली के लिए, मौसम विभाग ने कहा है कि अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, सोमवार को दिन के समय ज़मीन पर तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
पहाड़ी राज्यों में हाई अलर्ट
कई हिमालयी राज्यों में भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, और कई जगहों से बादल फटने, भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं और बाढ़ के पानी से घर, दुकानें और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे प्रभावित हुए हैं।
IMD ने हिमाचल प्रदेश के छह ज़िलों में भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में भी रेड अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं क्योंकि लगातार बारिश से संवेदनशील इलाकों में और भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ सकती है।
मैदानी इलाकों में मॉनसून कमज़ोर क्यों पड़ा?
IMD की 'ऑल इंडिया वेदर रिपोर्ट' के अनुसार, पाकिस्तान से आने वाली सूखी हवाएँ अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में फैल गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, मॉनसून के बादल अस्थायी रूप से दिल्ली-NCR सहित उत्तरी मैदानी इलाकों से हटकर हिमालयी क्षेत्र की ओर चले गए। मौसम के इस बदलाव के कारण कई मैदानी इलाकों में बारिश कम हुई है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बारिश काफ़ी बढ़ गई है।
भारी बारिश के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे पानी से भरी सड़कों पर जाने से बचें, स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह का पालन करें और यात्रा करते समय सावधानी बरतें, खासकर पहाड़ी इलाकों में जहाँ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना रहता है। यात्रियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रैफ़िक और परिवहन से जुड़ी जानकारी पर नज़र रखें।
सुरक्षा के लिए ध्यान रखने योग्य बातें:
भारी बारिश और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोग अपनी यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय ट्रैफिक और प्रशासन की गाइडलाइंस जरूर चेक कर लें।
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