Bay of Bengal Cyclone Alert | बंगाल की खाड़ी में फिर मंडराया चक्रवात का बड़ा खतरा: 6 घंटे में 'डिप्रेशन' और 24 घंटे के भीतर भयंकर तूफान में बदलने की आशंका, IMD का अलर्ट

By रेनू तिवारी | Oct 31, 2026

बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक बार फिर मौसम ने खतरनाक करवट ली है। दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय मौसमी सिस्टम लगातार ताकतवर होता जा रहा है, जिससे पूर्वी तटीय राज्यों पर एक नए चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह सिस्टम अगले 6 घंटों के भीतर 'डिप्रेशन' (कम दबाव के क्षेत्र) में और आगामी 24 घंटों के भीतर एक गंभीर चक्रवाती तूफान (Cyclone) का रूप ले सकता है। मौसम संबंधी ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक स्पष्ट (well-marked low-pressure area) हो गया है।

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम 6 घंटे में डिप्रेशन में बदल सकता है
IMD के अनुसार, 30 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर, उत्तरी अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बना था। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे मजबूत होता जा रहा है। 31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास के इलाकों में एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (well-marked low-pressure area) में तब्दील हो गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 6 घंटों के भीतर इसी क्षेत्र में यह सिस्टम और मजबूत होकर 'डिप्रेशन' में बदल सकता है। इससे पता चलता है कि समुद्र के ऊपर बन रहा यह मौसमी सिस्टम लगातार अधिक व्यवस्थित और शक्तिशाली होता जा रहा है।

अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना
IMD ने यह भी बताया है कि डिप्रेशन में बदलने के बाद, अगले 24 घंटों के भीतर यह सिस्टम एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। जैसे-जैसे यह सिस्टम ताकतवर होगा, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद है। अपने संभावित रास्ते पर आगे बढ़ते हुए, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ सकता है। नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, संभावित चक्रवाती तूफान 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास, बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुँच सकता है।

ओडिशा के मौसम पर भी नज़र
चूँकि इस मौसमी प्रणाली के और अधिक तीव्र होने और आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है, इसलिए ओडिशा के मौसम पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रही इस स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है, खासकर इसलिए क्योंकि यह प्रणाली पूर्वी तट की ओर बढ़ सकती है।

हालाँकि, अभी मुख्य ध्यान अगले 24 घंटों में इस प्रणाली के और अधिक तीव्र होने और उसके बाद की इसकी चाल पर है। फिलहाल, IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, यह स्पष्ट रूप से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र (well-marked low-pressure area) अगले छह घंटों में एक 'डिप्रेशन' में बदल सकता है, और फिर अगले 24 घंटों के दौरान एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुँचने की उम्मीद है।

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