National Handloom Day 2026: आत्मनिर्भर भारत और Women Empowerment की दिशा में हथकरघा उद्योग का बढ़ता कद

By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 07, 2026

आज पूरे देश में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 7 अगस्त को नेशनल हैंडलूम डे मनाया जाता है। गौरतलब है कि भारत में विभिन्न प्रकार की समृद्ध सांस्कृति देखने को मिलती है। खासतौर पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हथकरघा का मुख्य स्थान है। कई सदियों से भारतीय बुनकर अपनी कला और मेहनत से बेहतरीन साड़ियां, शॉल, दुपट्टे और परिधान तैयार किए जाते हैं, इनकी पहचान पूरी दुनिया में है।

राष्ट्रीय हथकरखा दिवस 2026 कब हैं?

हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। मुख्य रुप से इसका उद्देश्य देश के लाखों बुनकरों को सम्मान देना होता है। इसके साथ ही भारतीय हथरघा उद्योग को बढ़ावा देना।

7 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है हथकरघा दिवस?

- वैसे 7 अगस्त को ही ये दिन मानने की ऐतिहासिक कारण है।

- साल 1905 में इसी दिन स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी।

 - इसमें विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का कहा गया था।

 - बता दें कि, हथकरघा उद्योग इस आंदोलन का मुख्य आधार बना और आज भी भारतीय संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की थीम 2026

- नेशनल हैंडलूम डे 2026 के अवसर पर सरकार का प्रमुख फोकस भारतीय हथकरघा विरासत, नवाचार और टिकाऊ फैशन को बढ़ावा देना है। 

- इस दौरान "Weaves of India" फेस्टिवल तथा Handloom Hackathon 2026 जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

- इनका मुख्य रुप से उद्देश्य पारंपरिक बुनाई को आधुनिक तकनीक और युवाओं से जोड़ना है।

आखिर क्यों मनाया जाता है हथकरघा दिवस?

- असल में भारतीय बुनकारों के योदगान का सम्मान करना।

- देश की पारंपरिक बुनाई कला को संरक्षित करना।

- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना।

 - गौरतलब है कि ग्रामीण रोजगार और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करना।

- पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ फैशन को प्रोमोट करना।

- युवाओं के बीच भारतीय वस्त्र संस्कृति के बारे बताना और इनसे जोड़ना।

वैसे आज के समय में हथकरघा उद्योग लाखों लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है और भारत की सांस्कृति पहचान का अभिन्न हिस्सा है। 

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