By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 21, 2026
‘फ्रंटलाइन’ नौकरियों के लिए आने वाले आवेदन में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 43.5 प्रतिशत हो गई है, लेकिन केवल 13 प्रतिशत नौकरी विज्ञापनों में ही स्पष्ट रूप से महिलाओं को लक्षित किया गया है। एक रिपोर्ट में सोमवार को यह जानकारी दी गई। फ्रंटलाइन नौकरियों का मतलब ऐसे रोजगार से है जिनमें कर्मचारी सीधे लोगों, ग्राहकों या रोजमर्रा के कारोबारी कामकाज से जुड़े होते हैं।
रिपोर्ट कहती है कि महिलाओं के आवेदनों में वृद्धि नौकरी की कई श्रेणियों में हुई है। बिक्री क्षेत्र में सबसे अधिक 56 लाख से अधिक आवेदन मिले। इसके बाद कार्यालय आधारित भूमिकाओं तथा यात्रा एवं आतिथ्य क्षेत्र का स्थान रहा।
ब्यूटीशियन पदों के लिए आवेदनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 86.6 प्रतिशत और शिक्षण पदों के लिए 80.7 प्रतिशत रही। वहीं, महिलाएं बिक्री, कार्यालय, विपणन और ग्राहक सेवा से जुड़ी अन्य फ्रंटलाइन नौकरियों में भी बढ़ती रुचि दिखा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जून-जुलाई के दौरान नौकरी आवेदनों में सालाना आधार पर 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि नौकरी विज्ञापनों में 40-48 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), मानव संसाधन, लेखा, बिक्री और कार्यालय आधारित भूमिकाओं में प्रतिस्पर्धा अधिक है, जबकि डिलिवरी, ड्राइविंग और विनिर्माण क्षेत्र में आवेदन तुलनात्मक रूप से कम हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 92 प्रतिशत फ्रंटलाइन नौकरी विज्ञापनों में अंग्रेजी की जरूरत नहीं थी या केवल बुनियादी स्तर की बातचीत वाली अंग्रेजी जानने की अपेक्षा थी। यह रोजगार के अवसरों को व्यापक आबादी तक पहुंचाने में हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की अहमियत को दर्शाता है।