PM मोदी ने मतदाताओं को कहा धन्यवाद, बोले- मतदाता देश के लिए करता है निर्णय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 26, 2019

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने टिकट से वंचित रहे विपक्षी नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग वह भी थे जिन्हें मैदान में जाने का मौका नहीं मिला। वह गुस्सा जो वहां निकलना था, वह यहां निकाला गया। राजग को पूर्ण बहुमत मिलने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि कई साल बाद दोबारा बहुमत सरकार बनना...इससे मतदाताओं की परिपक्वता की सुगंध आती है। 2019 का चुनाव दलों से परे देश की जनता लड़ रही थी। जनता सरकार के कामों की बात लोगों तक पहुंचा रही थी। चुनाव का एक वैश्विक मूल्य होता है।

उन्होंने कहा कि यह कहा जाता है कि आप तो चुनाव जीत गये हैं लेकिन देश हार गया है। ऐसा कहना लोकतंत्र और देश की जनता का अपमान है। यह बात देश के लोगों को गंभीर रूप से सोचने को मजबूर करती है। क्या वायनाड में, क्या रायबरेली, बहरामपुर या अमेठी में हिन्दुस्तान हार गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से लोकसभा चुनाव हार गए। राहुल वायनाड संसदीय सीट से और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी रायबरेली संसदीय सीट से चुनाव जीते हैं। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तंज किया कि कांग्रेस हारी तो देश हार गया। देश यानी कांग्रेस, कांग्रेस यानी देश। अहंकार की एक सीमा होती है। 55 साल तक देश पर राज्य करने वाली पार्टी 17 राज्यों में एक सीट नहीं जीत पायी।

उन्होंने कहा कि (राजग की जीत पर) इस प्रकार की भाषा बोल कर देश के मतदाताओं के विवेक पर सवाल उठाया गया। मतदाताओं का अपमान बड़ी पीड़ा देता है। यहां तक कह दिया गया कि किसान दो दो हजार रूपये में बिक गया। यह कहना देश के किसानों का अपमान है। इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करके आपने (कांग्रेस ने) 15 करोड़ किसान परिवारों का अपमान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या तमिलनाडु या केरल में यही बात लागू होगी ? क्या मीडिया को खरीद कर चुनाव जीता जा सकता है? हमें भारत के उस लोकतंत्र पर गर्व होना चाहिए जिसकी विश्व भर में प्रतिष्ठा है।

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चुनाव के दौरान ईवीएम के जरिये गड़बड़ी करने के आरोपों की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि एक समय भाजपा भी मात्र दो सांसदों पर पहुंच गयी थी किंतु हमने कभी इस तरह का रोना-धोना नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब खुद पर भरोसा न हो, सामर्थ्य न हो तथा आत्ममंथन की तैयारी नहीं हो तो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि जब से ईवीएम का उपयोग शुरू हुआ है, तब से चुनावी हिंसा और चुनावी धांधली खत्म भी हुई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने ईवीएम को शुरू किया, वे ही आज इसे लेकर शिकायतें कर रहे हैं।

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