मध्य प्रदेश में ई-पास के जरिए लोग अपने प्रदेश आ और जा सकेंगे, भोपाल, इंदौर और उज्जैन के लिए जारी नहीं होगें पास

By दिनेश शुक्ल | Apr 27, 2020

भोपाल। मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने राज्य में ई-पास की सुविधा शुरू कर दी है जिसके जरिए दूसरे प्रदेशों में फंसे लोग अपने प्रदेश वापस आ सकेगें। साथ ही जो लोग दूसरे प्रदेशों से यहाँ आए थे वह भी अपने राज्य वापस जा सकेगें। शिवराज सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है। जिसके द्वारा लोगो ई-पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालंकि यह सुविधा अभी भोपाल, इंदौर और उज्जैन में स्थगित रखी गई है। यह तीनों शहर कोरोना हॉटस्पॉट बने हुए है। इस दौरान कंटेनमेंट एरिया में भी आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। बाहर से मजदूरों को लाने के लिए भी विस्तृत आदेश राज्य सरकार ने जारी किए है। उनके आने की व्यवस्था परिवहन विभाग को सौंपी गई है।  मजदूरों को लाने के लिए परिवहन, भोजन व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कलेक्टर एस.डी.आर.एफ. फंड से करेंगे। इसी तरह प्रदेश में ही दूसरे जिलों में फंसे मजदूरों के लिए भी व्यवस्था की गई है। मजदूरों को ले जाने वाली बसों में एक सीट पर एक ही व्यक्ति बैठेगा।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग किट की कमी को लेकर राजनीति शुरू, इंदौर और भोपाल सहित अन्य जिलों में टेस्टिंग किट का आभाव

प्रदेश सरकार ने ई-पास आवेदन करने के लिए एक लिंक भी साझा की है। जिसके जरिए लोगो ई-पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। जो लोग प्रदेश वापस आना चाहते है या फिर वापस यहाँ से जाना चाहते है वह  अपने आवेदन http://mapit.gov.in/covid-19 पर कर सकते हैं। जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने अपने वादे के मुताबिक लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे अपने मजदूरों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वही गुजरात से चले करीब 2400 मजदूर मध्य प्रदेश पहुंच गए हैं। गुजरात से मजदूरों को लेकर बस झाबुआ के रास्ते प्रदेश पहुंची जहां उनकी जांच भी की गई जांच के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। वही खुद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए कहा था, 'हम राजस्थान से प्रवासी मजदूरों को वापस ला रहे हैं और यह प्रक्रिया जारी रहेगी। 

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और भोपाल में हालात खराब, लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित

गौरतलब है कि शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों को सरकार वापस लाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अन्य राज्यों से मजदूर प्रदेश वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से बात की है। मुख्यमंत्री ने बाताय कि दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रीयों ने अपने राज्य की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। साथ ही अन्य प्रदेशों में फंसे व्यक्तियों को लाने के लिए उनके परिवारजनों को मध्य प्रदेश से जाने की अनुमति दी जाएगी। इसी के साथ मध्य प्रदेश में अन्य राज्यों के फंसे हुए मजदूरों को भी उनके प्रदेशों में जाने की अनुमति प्रदान की जाए रही है। इसके लिए वे स्वयं के साधनों अथवा उनकी राज्य सरकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए साधनों का प्रयोग कर सकेंगे।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए राहत की खबर, शिवराज सरकार ने कहा 15 लाख किसानों को होगा लाभ

हालांकि इस फैसले से भोपाल, इंदौर और उज्जैन जिले में फंसे ऐसे मजदूर व अन्य ज़िले या अन्य प्रदेश में फंसे है या मध्यप्रदेश के अलग-अलग संक्रमित क्षेत्रों फंसे है उनको राहत नहीं मिलेगी। सरकार ने तय किया है कि मध्य प्रदेश के सभी संक्रमित क्षेत्रों और  भोपाल, इंदौर और उज्जैन जिले से किसी भी मजदूर को आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। क्योंकि इससे संक्रमण के फैलने का खतरा बना रहेगा। फैसल की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह कार्य पूरी सावधानी से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए किया जाएगा। राज्य और जिले की सीमाओं पर वापस लौटने वाले मजदूरों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण की पूरी व्यवस्था की जाएगी।

प्रमुख खबरें

Pitru Paksha में Purnima Shraddh पर तर्पण और Panchabali की पूरी विधि

Nagpur-Mumbai Duranto Express पर पत्थरबाजी, शीशा टूटने से यात्री घायल, रेलवे की चेतावनी- ट्रेन पर पत्थर फेंका तो भुगतनी होगी 10 साल की जेल

Asian Games: Manush Shah और Yashaswini Ghorpade प्री-क्वार्टर फाइनल में हारे

UNGA में भारत का Shehbaz Sharif पर पलटवार, पाकिस्तान को कठपुतली शासन बताते हुए दी चेतावनी