कई विश्व नेताओं ने कोरोना महामारी को हल्के में लिया! लेकिन PM मोदी ने दिखाई आक्रामकता: माइकल शिफ्टर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 23, 2020

वाशिंगटन। कोविड-19 वैश्विक महामारी से जिन देशों में सबसे अधिक मौतें हुई हैं उनमें जरूरी नहीं कि वे सबसे गरीब, सबसे अमीर या सबसे घनी आबादी वाले देश हों, लेकिन उनमें एक समानता जरूर है और वह यहकि इन देशों के नेता लोकलुभावनवादी और परंपरागत ढर्रे से अलग हट कर चलने वाले हैं। राजनीति में लोकलुभावनवादी का मतलब ऐसी नीतियों से होता है जोआमजन में तो ‘‘लोकप्रिय हों ’’ लेकिन प्रबुद्ध वर्ग और विशेषज्ञोंमेंनहीं। अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के बोरिस जॉनसन और ब्राजील के जेयर बोलसोनारो के साथ ही भारत के नरेंद्र मोदी और मैक्सिको के आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर जनता को सामाजिक फायदों का वादा कर पुरानी व्यवस्था को चुनौती देते हुए लोकतांत्रिक देशों में सत्ता में आए हैं। लेकिन जब कोविड-19 जैसी नयी बीमारी से लड़ने की बात आती है तो लोकलुभावनवादी नीतियों के बजाय यूरोप में जर्मनी, फ्रांस और आयरलैंड या एशिया में दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में उदार लोकतांत्रिक नीतियां फायदेमंद साबित हुई हैं।

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