By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 01, 2022
संयुक्त राष्ट्र, (एपी) संयुक्त राष्ट्र महासभा के बुलाए गए दुलर्भ आपात सत्र में उस प्रस्ताव का कई देशों के राजदूतों ने समर्थन किया है जिसमें रूस से यूक्रेन के साथ युद्ध को रोकने की मांग की गई है। वर्ष 1997 के बाद पहली बार बुलाए गए महासभा के आपात सत्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लित्स्या ने कहा, अगर यूक्रेन नहीं रहा तो अंतरराष्ट्रीय शांति भी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, इसमें कोई भ्रम नहीं है, अगर यूक्रेन नहीं रहा तो हमें आश्चर्य नहीं होगा अगर अगली बार लोकतंत्र असफल होता है।’’ वैश्विक स्तर पर यूक्रेन मामले को लेकर बढ़ी चिंता को प्रतिबिंबित करते हुए संयुक्त राष्ट्र के दो अहम निकाय 193 सदस्यीय महासभा और छोटा लेकिन अधिक शक्तिशाली सुरक्षा परिषद ने असमान्य कदम उठाए हैं, जोअकसर युद्ध की स्थिति में उठाने के लिए होते हैं।