By अनन्या मिश्रा | Apr 24, 2026
आज भी भारत में जाति व्यवस्था समाज का एक बड़ा सच है। भले ही संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हो, लेकिन व्यवहारिक जीवन में जाति के आधार पर भेदभाव देखने को मिलता है। खासतौर पर शादी जैसे जरूरी सामाजिक फैसले में जाति एक बड़ी बाधा बन जाती है। केंद्र और राज्य सरकारें अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए कई आर्थिक सहायता योजनाएं चला रही हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में जातिगत भेदभाव को कम करना और सभी वर्गों के बीच समानता, सामाजिक एकता और भाईचारा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत अगर किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति ने किसी गैर SC व्यक्ति से विवाह किया है। तो सरकार इस जोड़े को आर्थिक सहायता देती है। जिससे कि वह अपने वैवाहिक जीवन की शुरूआत बिना किसी आर्थिक परेशानी के कर सकें।
मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में इंटर कास्ट मैरिज करने पर केंद्र सरकार की डॉ. अंबेडकर स्कीम के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। अगर शादी में पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति से है, तो इस दंपत्ति को 2.5 लाख रुपए सहायता प्रदान की जाती है। जो सीधे उनके जॉइंट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है। इस योजना को लागू करने में पश्चिम बंगाल सरकार सहयोग करती है और आवेदन का पूरा प्रोसेस राज्य के समाज कल्याण विभाग के जरिए से पूरी होती है।