By रेनू तिवारी | Apr 29, 2021
बॉलीवुड के लिए साल 2020 अच्छा साबित नहीं हुआ था जहां लॉकडाउन के कारण पूरी तरह से काम रूक गया और फिल्ममेकर्स को करोड़ों का घटा हुआ वहीं दूसरी तरफ सिनेमा ने अपने कई दिग्गज सितारों को खो दिया। सिनेमा जगत के लिए 29 अप्रैल 2020 काला दिन था क्योंकि इस दिन भारतीय सिनेमा ने अपने दिग्गज कलाकार इरफान खान को हमेशा के लिए खो दिया। इरफान खान ने अपने अभिनय से पर्दे पर किरदारों को जिंदा किया। भारत के अलावा उन्होंने विश्व स्तर पर भी कई बड़ी फिल्मों में काम किया। बात करते है दिग्गज अभिनेता इरफान खान की तो इरफान खान ऐसे अभिनेता थे जो एक्टिंग को एक नये दर्जे पर लेकर गये। पर्दे पर जब वह किसी किरदार को निभाते थे तो वह उस किरदार में डूब जाते थे। अपनी आंखों से इमोशन के भाव बताने वाले इरफान खान जैसे कलाकार सदी में बस एक बार आते हैं। जितनी खूबसूरती के साथ इरफान अपना अभिनय करते थे उतना ही खूबसूरत उनका व्यक्तित्व था। इरफान ने हमेशा धर्म-जाति-समुदाय से बढ़कर इंसानियत को अहमियत दी। इरफान के लिए इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं था।
इरफान खान ने ये करके भी दिखाया। एक्टर बनने के अलावा इरफान खान की एक इच्छा और थी जो आज तक पूरी न हो सकी। वरिष्ठ फ़िल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज का इरफान खान से अच्छा रिश्ता था। अपनी बीमारी के दौरान इरफान खान अजय ब्रह्मात्मज के काफी बातें किया करते थे। अजय ब्रह्मात्मज ने हाल ही में बीबीसी के साथ खास बातचीत में बताया कि इरफान एक फिल्म निर्देशित करना चाबहते थे। उन्होंने कहा कि बहुत कम लोगों को शायद ये मालूम हो कि इरफ़ान में निर्देशक बनने की तड़प थी. उनके पास एक सोच-समझ थी, वो फ़िल्मों को अपने हिसाब से बनाना चाहते थे। एंक्टिंग के बाद वह एक फिल्म का निर्देशन अपने नजरिए से करना चाहते थे। अजय ब्रह्मात्मज ने कहा उनका यह सपना अधूरा रह गया और हमारी उन्हें लाइव कैमरा - एक्शन बोलते देखने की ख्वाहिश अधूरी रह गई।