मानसिक स्वास्थ्य में भारतीय परंपरा की भूमिका को चिकित्सा पाठ्यक्रम में किया जाए शामिल: मांडविया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 10, 2021

बेंगलुरु। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को मानसिक स्वास्थ्य में भारतीय परंपरा की भूमिका को चिकित्सा पाठ्यक्रम में शामिल करने के विचार का समर्थन किया। उन्होंने इसके साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान (निमहन्स) का आह्वान किया कि वह इस विषय पर गहनता से अध्ययन करे ताकि सरकार पूरे मामले पर फैसला ले सके और नीति बना सके। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर निमहन्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें मानसिक समस्याओं के इलाज के पारंपरिक तरीकों को समझने की जरूरत है। मैं विचार कर रहा हूं कि क्या हम अपने पाठ्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए हमारी परपंराओं की भूमिका को शामिल कर सकते हैं।’’ 

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मांडविया ने कहा कि निमहन्स को विद्यार्थियों को अनुसंधान करने का कार्य देना चाहिए, न कि उन्हें किताबों और परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित रखना चाहिए। उन्होंने अफसोस जताया कि देश को मौजूदा शिक्षा प्रणाली से वह प्राप्त नहीं हो रहा है जो उसे मिलना चाहिए। मंत्री ने कहा, ‘‘देश को शिक्षण संस्थानों उसके शिक्षकों और अनुसंधानों से बहुत उम्मीद है क्योंकि केवल ये ही देश के विकास और भविष्य का आधार हो सकते हैं। (प्रधानमंत्री नरेंद्र)मोदी जी ने अनुसंधान पर जोर दिया है। हम चाहते हैं कि आपका काम राष्ट्र केंद्रित हो।’’ कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.के सुधाकर ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया।

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