By Ankit Jaiswal | Jan 11, 2026
वडोदरा की शाम रोमांच से भरपूर रही और मुकाबला आखिरी ओवर तक खिंचता चला गया। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे में दर्शकों को उतार-चढ़ाव से भरा मुकाबला देखने को मिला, जहां एक समय जीत भारत की मुट्ठी में दिख रही थी, लेकिन अचानक दबाव बढ़ गया। हालांकि अनुभव और संयम के दम पर टीम इंडिया ने अंततः बाज़ी अपने नाम कर ली।
गौरतलब है कि इस मुकाबले में विराट कोहली ने 91 गेंदों में 93 रन बनाए और अपने 85वें अंतरराष्ट्रीय शतक से महज सात रन दूर रह गए। इसी पारी के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,000 रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। कोहली ने यह मुकाम 624 पारियों में हासिल किया, जो सचिन तेंदुलकर से 20 पारियां कम हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार कोहली के आउट होते ही मैच का रुख थोड़ा बदल गया और न्यूजीलैंड ने वापसी की कोशिश की। श्रेयस अय्यर 49 रन बनाकर आउट हुए, जबकि निचले क्रम में दबाव बढ़ता चला गया। इसी नाजुक मोड़ पर केएल राहुल ने जिम्मेदारी संभाली और बेहद शांत अंदाज में 21 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। राहुल की पारी में समझदारी और मैच फिनिश करने का अनुभव साफ नजर आया।
इससे पहले न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 300 रन बनाए हैं। शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ रखी, लेकिन डेरिल मिशेल ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 84 रन की अहम पारी खेली। उनके अलावा हेनरी निकोल्स और डेवोन कॉनवे ने भी अर्धशतक लगाए। भारत की ओर से हर्षित राणा और मोहम्मद सिराज ने अहम मौकों पर विकेट निकालकर रनगति पर लगाम लगाने की कोशिश की।
मुकाबले के बाद विराट कोहली को उनकी 93 रन की प्रभावशाली पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और अब टीम का आत्मविश्वास अगले मुकाबले में और मजबूत नजर आ रहा है। दूसरा वनडे 14 जनवरी को खेला जाना है, जहां न्यूजीलैंड वापसी की कोशिश करेगा और भारत अपनी लय बरकरार रखने के इरादे से उतरेगा।