2036 Olympic Games: भारत 'Rising Together' विजन के साथ IOC के सामने पेश करेगा पहली प्रस्तुति

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा ने बुधवार को घोषणा की कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी ‘राइजिंग टुगेदर’ (साथ मिलकर आगे बढ़ना) के विजन पर आधारित होगी और देश इस महीने के अंत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के भविष्य मेजबान आयोग के सामने अपनी दावेदारी की पहली प्रस्तुति देगा। आईओसी ने मंगलवार को कहा था कि भारत, जर्मनी, कतर और तुर्किये समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में दिलचस्पी जताई है इसलिए इन देशों को अगले महीने आईओसी के भविष्य मेजबान आयोग के सामने अपने खेलों से जुड़े प्रस्ताव पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। आईओए की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मांडविया ने कहा, ‘‘2036 के लिए भारत की महत्वाकांक्षा एक सरल विचार पर आधारित है कि खेल हमारे देश के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकते हैं।

भारत ने 2024 में खेलों की मेजबानी के लिए अपना दिलचस्पी पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) आईओसी को सौंपा था। उषा ने कहा कि आईओए भारत की ओलंपिक मेजबानी की आकांक्षाओं को आईओसी की ओर से मिली मान्यता से बेहद सम्मानित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें भविष्य के खेलों के संभावित मेजबानों के एक असाधारण समूह का हिस्सा होने पर गर्व है।

’’ उषा ने कहा, ‘‘हमारे लिए ‘राइजिंग टुगेदर’ महज एक नारा नहीं है बल्कि भारत की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और विविधता को एक साझा ओलंपिक सपने के पीछे एकजुट करने की मजबूत प्रतिबद्धता है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘2036 के लिए विजन (परिकल्पना) तैयार करते समय भारत ऐसे खेलों की मेजबानी करना चाहता है जो एक युवा, गतिशील और उभरते भारत के आत्मविश्वास को दर्शाएं। साथ ही, यह ओलंपिक और पैरालंपिक आंदोलनों की नई पीढ़ियों, नए समुदायों और दुनिया भर में नए क्षितिज तक पहुंचने की महत्वाकांक्षा में योगदान दे।

’’ उषा ने कहा, ‘‘हम आईओसी के साथ संवाद जारी रखने और अक्टूबर के अंत में पहली बार आयोग के सामने अपनी महत्वाकांक्षा पेश करने को लेकर उत्साहित हैं। ’’ आईओसी ने कहा कि दावेदार देशों की परियोजनाओं का आकलन कई तकनीकी पहलुओं के आधार पर किया जाएगा। इनमें आयोजन स्थलों की मास्टर प्लानिंग, खिलाड़ियों का अनुभव, वित्त पोषण की रणनीति, राजनीतिक और जनसमर्थन, खेलों के आयोजन की क्षमता तथा मेजबान शहरों और समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की योजना शामिल हैं।

हंगरी, कतर, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका भी 2036 ओलंपिक की मेजबानी के अधिकार की दौड़ में शामिल अन्य दावेदार हैं। नवंबर में होने वाली प्रस्तुतियों के बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरण ‘टार्गेटिड डायलॉग’ की जगह ‘स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ होगा जिसे संशोधित मेजबान चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसके बाद अंतिम चरण 2028 में शुरू होगा।

आईओए ने कहा कि ‘राइजिंग टुगेदर’ इस विश्वास को दर्शाता है कि 2036 खेल के माध्यम से भारत के परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण क्षण हो सकता है। आईओए ने कहा, ‘‘भारत के लिए ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी एक ऐसा ऐतिहासिक अवसर होगा जो खेलों को देश के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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