रूस के तेल बाजार का बड़ा खिलाड़ी बना भारत, जहां कभी हुआ करता था ड्रैगन का दबदबा

By अभिनय आकाश | Sep 02, 2022

रूस के तेल बाजार पर एक दौर में चीन का सिक्का चलता था। रूसी तेल के बड़े खरीदारों में उसकी गिनती होती रही है। इसके साथ ही यूरोप भी रूस के तेल का सौदागर रहा है। लेकिन यूक्रेन जंग ने दुनिया के हालात पूरी तरह से बदल दिए हैं। रूस का तेल बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा है। इन सब के बीच रूस के तेल बाजार में भारत की एंट्री हो गई है। यहां चीन की हवा निकालने के लिए पहुंच गया है। यूक्रेन हमले के बाद भारत रूसी एनर्जी के एक बड़े खरीदार के रूप में सामने आया है। रूस के तेल मार्केट में भारत की एंट्री ने चीन के प्रभुत्व को सीधी चुनौती दे दी है। 

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यूक्रेन युद्ध के बीच भारत रूसी ऊर्जा के एक प्रमुख खरीदार के रूप में उभरा है। यूरोप और अमेरिका देशों ने इसके मद्देनजर लाखों बैरल रियायती कच्चे तेल से किनारा किया। जैसे-जैसे संघर्ष आगे बढ़ा, तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश भारत ने रूस के पश्चिमी हिस्से से उरल्स क्रूड की खरीद तेज कर दी। जिसके बाद अब ईएसपीओ को खरीद रहा है। यूरल्‍स रूस का फ्लैगशिप क्रूड है। वहीं, ईएसपीओ ज्‍यादा रिफाइन किया हुआ ग्रेड है। यह पूर्वी हिस्‍से से आता है। इस तेल का मुख्‍य तौर पर चीन खरीदार रहा है। व्यापारियों और शिपब्रोकर्स ने कहा कि भारत मध्य पूर्वी देशों से जिस कीमत पर तेल खरीदता है, ईएसपीओ की कीमत उसकी तुलना में सस्ते हैं। संभवतः सऊदी अरब और अबू धाबी से आयात कुछ कम होंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में चीन के सिनोपेक ईएसपीओ की बड़ी खरीदार रही है। हाल ही में उसकी खरीद में कुछ कमी आई है। इसने भारतीय खरीदारों को रूसी ऑयल मार्केट में एंट्री करने का मौका दे दिया है। 

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ईएसपीओ के अगस्त शिपमेंट का आयात जुलाई के मुकाबले ज्यादा रहा है। रूस से आए पांच कार्गो वाडीनार, सिक्का, पारादीप और मुंद्रा जैसे बंदरगाहों पर गए थे। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के साथ ही निजी प्रोसेसर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और नायरा एनर्जी लिमिटेड के प्लांट इन्हीं टर्मिनलों के पास हैं। इस साल की होड़ से पहले, भारत रूसी तेल व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी नहीं था। उत्तर एशियाई देशों जैसे चीन, दक्षिण कोरिया और जापान को हर महीने ये तेल जाता था। लेकिन अमेरिका नहीं चाहता है कि भारत रूस से तेल की खरीद करे। जिसके लिए वो कई बार परोक्ष रूप से भारत पर दवाब बनाने की असफल कोशिश भी कर चुका है।

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