By अभिनय आकाश | Oct 12, 2026
इंडिया गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं ताकि वे भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक ज्ञापन सौंप सकें और 'वोट चोरी' के आरोपों तथा वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) पर रोक लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकें। इस मार्च की अगुवाई लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे भारत की आवाज़ को कभी नहीं दबा पाएंगे। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सांसद गांधी ने दिल्ली पुलिस द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्ष के नेता प्यार, भाईचारे और देशभक्ति" के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के एक समूह को याचिका दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट परिसर में जाने की अनुमति होगी। कोर्ट ने पांच से 10 नेताओं को उनके वकीलों के साथ परिसर के अंदर फाइलिंग काउंटर पर याचिका जमा करने की इजाज़त दे दी है। यह काउंटर हाई-सिक्योरिटी ज़ोन के बाहर है और वहां बिना पास के भी जाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी इस व्यवस्था पर सहमति दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सबसे बाहरी बैरिकेड पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और उनके बाद महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। बैरिकेड के आगे अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात हैं। भगवान दास रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर आने वालों को पहले बैरिकेड पर ही रोक दिया जाता है, जहाँ सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए बसें ठीक आगे खड़ी की गई हैं। रास्ते में दो और बैरिकेड लगाए गए हैं, और तीसरा बैरिकेड ट्रैफिक सिग्नल के पास है। सुप्रीम कोर्ट इस जगह के आगे स्थित है।