By अभिनय आकाश | May 02, 2024
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि भारत, चीन, रूस और जापान से ज़ेनोफोबिया ने उनके आर्थिक विकास को रोक दिया है। बाइडेन ने कहा कि चीन आर्थिक रूप से क्यों इतना मंद है, जापान को क्यों परेशानी हो रही है, रूस को क्यों, भारत को क्यों, क्योंकि वे ज़ेनोफ़ोबिक हैं। वे अप्रवासी नहीं चाहते. अप्रवासी ही हमें मजबूत बनाते हैं। बता दें कि जेनोफोबिया से ग्रसित उन्हें कहा जाता है जो अजनबियों से डरते या बाहरी अपरिचित व्यक्तियों से नफरत करते हैं। यानी बाइडेन ने भारत को एक ऐसा देश बताया है जो दूसरे देशों के लोगों से नफरत करता है।
इससे ठीक उलट बाइडेन ने प्रवासियों के मुद्दे पर अधिक मानवीय रुख की वकालत की है। सत्ता में आने के बाद से बाइडेन ने प्रवासियों पर ट्रम्प-युग की कार्रवाई को कम कर दिया है और नई पैरोल नीतियां पेश की हैं, जो कुछ प्रवासियों को मानवीय कारणों से कानूनी रूप से प्रवेश करने की अनुमति देती हैं। हालाँकि, शोध से पता चलता है कि बाइडेन को बेरोजगारी और आप्रवासन को लेकर मतदाताओं की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि आधे से अधिक अमेरिकी वयस्क सोचते हैं कि बाइडेन के राष्ट्रपति पद ने देश को रहने और आप्रवासन की लागत पर नुकसान पहुंचाया है।