Multipolar World में India: विनय सहस्रबुद्धे ने बताया संतुलन का 'मंत्र', BRICS में अहम संदेश

By अंकित सिंह | Sep 11, 2026

ऐसे समय में जब भारत ब्रिक्स समिट की मेज़बानी कर रहा है और भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक व्यवस्था को लेकर खींचतान बढ़ रही है, बीजेपी के पूर्व सांसद और विदेश नीति के जानकार विनय सहस्रबुद्धे ने सचमुच बहुध्रुवीय दुनिया की वकालत की है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक प्रभुत्वशाली शक्ति की जगह दूसरी शक्ति को नहीं लेने देना चाहिए। ब्रिक्स संवाद के दौरान बोलते हुए सहस्रबुद्धे ने कहा कि वैश्विक कूटनीति में भारत का नज़रिया ऐसा होना चाहिए जो कई शक्ति केंद्रों के साथ जुड़ने की उसकी क्षमता पर आधारित हो, न कि वह किसी एक गुट के साथ पूरी तरह जुड़ जाए।

उन्होंने कहा कि हम ब्रिक्स के सदस्य हैं। दूसरी ओर, हम क्वाड (Quad) के भी सदस्य हैं, और यही वह संतुलन है जो आपको बनाना होता है। मेरा मतलब है, आप अपनी सारी उम्मीदें या दांव एक ही जगह नहीं लगा सकते। सहस्रबुद्धे ने तर्क दिया कि भारत को अलग-अलग जियोपॉलिटिकल ग्रुप्स के साथ संबंध बनाते रहना चाहिए। उनका मानना ​​है कि देश की डिप्लोमैटिक ताकत इस बात में है कि वह किसी एक ताकत पर निर्भर हुए बिना अलग-अलग ताकतों के साथ काम कर सकता है।

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उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत को ऐसा करना चाहिए क्योंकि हम एक मल्टीपोलर दुनिया में हैं, और मेरी समझ से मल्टीपोलैरिटी ही आने वाले समय की दुनिया का मुख्य आधार होगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत को व्यापक डिप्लोमैटिक पार्टनरशिप बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए और साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी विदेश नीति ज़्यादा से ज़्यादा देशों को स्वीकार्य हो।

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