BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा

शशि थरूर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सराहना कर पी. चिदंबरम के संदेहों को ख़ारिज किया, जिससे कांग्रेस के भीतर विरोधाभास उजागर हुआ। भाजपा ने इस आंतरिक कलह को 'कांग्रेस द्वारा कांग्रेस का पर्दाफाश' बताकर राजनीतिक हमला किया। थरूर ने ब्रिक्स को 'ग्लोबल साउथ' का अहम मंच और भारत के लिए कूटनीतिक उपलब्धि बताया, जबकि चिदंबरम ने इसके वास्तविक लाभों पर सवाल उठाए थे।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स समिट की तारीफ़ की है, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस के ख़िलाफ़ एक नया मुद्दा मिल गया है। यह घटनाक्रम वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के उस सवाल के एक दिन बाद हुआ है जिसमें उन्होंने पूछा था कि भारत को असल में इस समूह से क्या फ़ायदा हुआ है। गुरुवार को जहाँ चिदंबरम ने ब्रिक्स से होने वाले फ़ायदों पर सवाल उठाए थे, वहीं थरूर ने भारत द्वारा समिट की मेज़बानी को बहुत सम्मान की बात बताया। बीजेपी ने इसी अंतर को पकड़कर कांग्रेस पर निशाना साधा है।
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बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर कहा कि कांग्रेस ने कांग्रेस की ही पोल खोल दी! कांग्रेस सांसद ने पार्टी के उस ‘नाराज़ फूफा’ का पर्दाफश किया, जो राहुल गांधी के कहने पर ब्रिक्स (BRICS) का विरोध कर रहे थे! दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले बोलते हुए, थरूर ने इस समूह को 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया और इस ब्लॉक के बड़े पैमाने पर ज़ोर दिया।
थरूर ने ब्रिक्स (BRICS) की अहमियत बताते हुए कहा कि सबसे पहले तो हम 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक अहम मंच मुहैया करा रहे हैं। आप जानते हैं कि 'ग्लोबल साउथ' में 100 से ज़्यादा देश शामिल हैं, लेकिन यहाँ हमारे साथ 'ग्लोबल साउथ' के 11 अहम देश हैं। ये देश मिलकर विचारों की विविधता और उन देशों की श्रेणी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनकी अध्यक्षता हम इस खास मौके पर कर रहे हैं। ब्रिक्स के ये 11 देश दुनिया की ज़्यादातर आबादी और ग्लोबल GDP के 41 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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थरूर ने समिट की मेज़बानी करने के भारत के फैसले का भी समर्थन किया और दिल्ली में कई विश्व नेताओं की मौजूदगी को अपने आप में एक कूटनीतिक फ़ायदा बताया। उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह है कि एक दर्जन राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों के प्रमुखों का आना - जिनमें न सिर्फ़ ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य शामिल हैं, बल्कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के कुछ ऑब्ज़र्वर भी हैं - हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह भारत की कूटनीतिक स्तर पर नेताओं को एक साथ लाने की क्षमता को दिखाता है, जिसकी वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग अहमियत है।
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