By अभिनय आकाश | Jan 24, 2026
भारत की लगातार बढ़ती ताकत से कई देश परेशान हैं। जिसमें आतंकी मुल्क पाकिस्तान, तुर्की, चीन और अमेरिका भी शामिल है। भारत के दुश्मनों को यह बात कतई हजम नहीं हो रही है कि बिना किसी शोरशराबा के भारत हर क्षेत्र में लगातार वो इतिहास रच रहा है जिसकी कल्पना खुद को महाशक्ति बताने वालों ने भी नहीं की थी। अब दुनिया भर में इस बात की खूब चर्चा हो रही है कि जल्द ही भारत को वीटो पावर मिलने के साथ ही यूएन में स्थाई मेंबरशिप मिलने वाली है। जिसके बाद भारत उन महाशक्तियों में शुमार हो जाएगा जो दुनिया भर के फैसलों में सीधे दखल देगा। यानी कि भारत की सहमति के बिना अब दुनिया भर में कई बड़े फैसले नहीं लिए जाएंगे। अब भारत के दुश्मन पाकिस्तान को भी यह पूरा आभास हो गया है कि जल्द भारत यूएन का स्थाई मेंबर बनने वाला है और वीटो पावर भी मिलने वाली है। जिसको लेकर पाकिस्तान बुरी तरह से घबराया हुआ है।
यह सीधे तौर पर पाकिस्तान का भारत के लिए विरोध था। दरअसल भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएससी में सुधार की मांग करता रहा है और जिसमें अपने लिए स्थाई संस्था की मांग शामिल है। भारत ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मौजूदा ढांचे पर सवाल उठाए हैं। भारत का कहना है कि यूएससी का मौजूदा ढांचा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वाले शक्ति संतुलन पर आधारित है। जबकि दुनिया अब पूरी तरह से बदल चुकी है। भारत ने तर्क दिया है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और दक्षिण एशिया का प्रमुख देश होने के नाते स्थाई सदस्यता उसे मिलनी चाहिए।
दरअसल हाल ही में स्थाई सदस्यता के लिए ब्रिटेन रूस के बाद फ्रांस ने भी धमाकेदार तरीके से भारत का सपोर्ट किया था। फ्रांस ने कहा था कि वीटो पावर के साथ भारत को स्थाई मेंबरशिप मिलनी चाहिए। फ्रांस ने इसको लेकर यूएएससी रिफॉर्म की बैठक में भी बयान दिया था। इसके अलावा जो चीन भारत को वीटो पावर मिलने को लेकर हमेशा रोड़ा बनताया है। उसने भी हाल ही में यह साफ कर दिया था कि अगर भारत को वीटो पावर मिलती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। अमेरिका भी भारत का इस मुद्दे पर खुला समर्थन कर चुका है।