2008 के बाद पहली बार श्रीलंका से सीरीज हारा भारत, क्यों नहीं चला बल्लेबाजों का बल्ला?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 30, 2021

कोलंबो। लेग स्पिनर वाहिंदु हसरंगा की अगुवाई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से श्रीलंका ने गुरुवार को यहां कम स्कोर वाले तीसरे और निर्णायक टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत को 33 गेंद शेष रहते हुए सात विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की थी। कोविड से प्रभावित भारत का भाग्य केवल टॉस ने दिया लेकिन पहले बल्लेबाजी का उसका फैसला सही नहीं रहा और टीम आठ विकेट पर 81 रन ही बना पायी। भारत के केवल तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिनमें सातवें नंबर पर उतरे कुलदीप यादव ने सर्वाधिक नाबाद 23 रन बनाये। पिच बल्लेबाजों के अनुकूल नहीं थी लेकिन भारतीय गेंदबाजों के पास बचाव के लिये बेहद कम स्कोर था।

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श्रीलंका के लिये भी रन बनाना आसान नहीं रहा लेकिन उसने विकेट बचाये रखे। वह 12वें ओवर में 50 रन के पार पहुंचा। चाहर ने अपनी आखिरी गेंद पर सदीरा समरविक्रमा (छह) को बोल्ड किया। इसके बाद धनंजय डिसिल्वा (नाबाद 23) और हसरंगा (नाबाद 14) ने टीम को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचाया। अंपायर कुमार धर्मसेना ने वरुण चक्रवर्ती की गेंद पर डिसिल्वा को विकेट के पीछे कैच दे दिया था लेकिन बल्लेबाज डीआरएस के सहारे आउट होने से बच गया। यह गेंद वाइड निकली जो श्रीलंका विजयी रन भी था। इससे पहले श्रीलंका के गेंदबाजों को भारतीयों की अनुभवहीनता का भी लाभ मिला। क्रुणाल पंड्या के कोविड पॉजिटिव पाये जाने के बाद उनके संपर्क में आने वाले भारत आठ खिलाड़ी भी अलग थलग कर दिये गये थे। भारत के पास ऐसे में केवल पांच विशेषज्ञ बल्लेबाज बचे थे जो अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा पाये।

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भारत के ये पांचों विशेषज्ञ बल्लेबाज 36 रन के अंदर पवेलियन में विराजमान थे। कप्तान शिखर धवन (शून्य) ने पहले ओवर में स्लिप में कैच दिया। इसके बाद श्रीलंका के स्पिनर हावी हो गये। ऑफ स्पिनर रमेश मेंडिस ने देवदत्त पडिक्कल (नौ) को पगबाधा आउट किया जबकि हसरंगा ने संजू सैमसन (शून्य) और सलामी बल्लेबाज रुतुराज गायकवाड़ (14) को गच्चा दिया। भारत का स्कोर पांच ओवर के बाद चार विकेट पर 25 रन हो गया। भुवनेश्वर कुमार (16) को पावरप्ले में क्रीज पर कदम रखना पड़ा लेकिन एकमात्र बचे विशेषज्ञ बल्लेबाज नितीश राणा (छह) भी मौके का फायदा नहीं उठा पाये। शनाका की गेंद मिडविकेट पर खेलने के प्रयास में उन्होंने वापस कैच दे दिया। भारत 14वें ओवर में 50 रन पर पहुंचा जिसके बाद शनाका ने भुवनेश्वर का भी बेहतरीन कैच लेकर हसरंगा को तीसरा विकेट दिलाया। भुवनेश्वर ने 32 गेंदें खेली तथा कोई चौका नहीं लगाया जो कि भारतीय रिकार्ड है। हसरंगा ने वरूण चक्रवर्ती के रूप में चौथा विकेट लिया और इस तरह से अपने जन्मदिन पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करने का नया रिकार्ड बनाया।

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