संतुलन बनाए रखने पर अमेरिका का ध्यान, S-400 मिसाइल खरीद मामले में भारत को मिल सकती है CAATSA प्रतिबंधों में छूट

By अभिनय आकाश | Jan 14, 2022

भारत में रूस के सर्फेस टू एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस 400 की पहली खेप पहुंच चुकी है। रूस के साथ हुए भारत के इस बेहद खास रक्षा सौदे से यूं तो सबसे ज्यादा परेशानी पाकिस्तान और चीन को है। लेकिन इन लोगों को उम्मीद थी कि अमेरिका भी इस सौदे को लेकर भारत पर दवाब बनाएगा। लेकिन अभी तक अमेरिका भारत पर कार्रवाई करने का कोई फैसला नहीं कर पाया है। लेकिन अब कात्सा प्रतिबंधों और रूस के एस 400 वायु रक्षा प्रणाली को लेकर अमेरिका की तरफ से बड़ा संकेत देखने को मिला है। 

बाइडेन प्रशासन रूसी एस -400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए भारत के खिलाफ प्रतिबंधों में छूट दे सकता है। बुधवार को एक प्रमुख अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन को घरेलू कानून के खिलाफ चीन से जुड़े भू-रणनीतिक विचारों को तौलना होगा जो दंडात्मक कार्रवाई का आह्वान करता है। राष्ट्रपति बाइडन के प्रतिनिधि जेम्स ओ ब्रायन ने कहा कि अमेरिका नहीं चाहता है कि भारत रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदे लेकिन राष्ट्रपति द्वारा नयी दिल्ली को कात्सा से छूट देने की बढ़ती मांग पर अमेरिका को महत्वपूर्ण भू-रणनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना होगा। 

इसे भी पढ़ें: वी डी सतीसन ने कजाकिस्तान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की

संतुलन बनाए रखना जरूरी

प्रतिबंध लगाने वाली इस प्रतिबंध नीति के समन्वयक के तौर पर नामित हुए जेम्स ओ’ब्रायन ने संतुलन बनाने पर जोर दिया है। यंग ने कहा, ‘‘चीन के खिलाफ हमारी प्रतिस्पर्धा में भारत एक महत्वपूर्ण सहयोगी है और इसलिए मेरा मानना है कि हमें ऐसी किसी भी कार्रवाई का विरोध करना चाहिए जो उन्हें हमसे और क्वाड से दूर कर सकता है। इसलिए हमारे साझा विदेशी नीतिगत हित को देखते हुए मैं भारत के खिलाफ कात्सा प्रतिबंधों में छूट का पुरजोर समर्थन करता हूं। विदेश विभाग के संयोजक के पद पर जेम्स ओ’ब्रायन की पुष्टि हुई है। 

अमेरिका क्यों कर सकता है कार्रवाई

अमेरिका का एक कानून है काटसा जिसके तहत प्रावधान है कि अमेरिका अगर किसी देश पर कोई पाबंदी लगाता है तो उस देश के साथ बड़ा रक्षा सौदा करने वाले देश पर भी वो पाबंदी लग जाती है। यूक्रेन के साथ रूस की तनातनी के बाद साल 2017 में अमेरिका ने रूस के खिलाफ काटसा कानून को लागू कर दिया था। इसके बाद भारत से पहले तुर्की ने रूस से एस 400 की डील को अंजाम दिया। तुर्की नाटो संगठन में अमेरिका का पार्टनर भी है। इसके बावजूद उस पर काटसा के तहत कार्रवाई की गई। लेकिन भारत के खिलाफ अभी तक कोई भी फैसला नहीं हो सका है। 

प्रमुख खबरें

West Bengal Elections Re-polling | दक्षिण 24 परगना के 15 केंद्रों पर पुनर्मतदान जारी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आम आदमी को लगेगा बड़ा झटका! Petrol-Diesel Price में ₹28 तक की बढ़ोतरी के बने आसार

Liverpool फैंस को मिली बड़ी राहत, Mohamed Salah की Injury पर आया अपडेट, जल्द लौटेंगे मैदान पर

Thomas Cup में भारत का धमाल, Chinese Taipei को 3-0 से रौंदकर Semi-Final में बनाई जगह।