भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज हार पर बवाल, सुनील गावस्कर ने उठाए फील्डिंग और रणनीति पर सवाल

By Ankit Jaiswal | Jan 19, 2026

दो साल पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश झेलने के बाद जो सवाल उठे थे, वही चिंता अब वनडे क्रिकेट तक पहुंच गई है। घरेलू मैदान पर पहली बार भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज गंवानी पड़ी है, जिसने टीम इंडिया की तैयारियों और रणनीति पर बहस तेज कर दी है।

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड ने संघर्ष से उबरते हुए 338 रन 7 विकेट पर बना दिए, जो बाद में भारत के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुए। लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने एक बार फिर जिम्मेदारी उठाई और शानदार शतक जमाया। यह उनके वनडे करियर का 54वां शतक था, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण उनका यह प्रयास टीम को जीत तक नहीं ले जा सका। अंततः भारत 41 रन से मुकाबला हार गया और न्यूजीलैंड की घरेलू सीरीज में हार की लकीर भी खत्म हो गई।

मैच के बाद पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की हार का बेबाक विश्लेषण किया। उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया, लेकिन टीम की फील्डिंग को बड़ी कमजोरी बताया। गावस्कर का मानना था कि भारतीय खिलाड़ी मैदान पर सुस्त नजर आए और न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को बेहद आसानी से सिंगल लेने का मौका मिलता रहा।

उन्होंने कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे फुर्तीले खिलाड़ी मैदान पर मौजूद थे, फिर भी कुल मिलाकर फील्डिंग उतनी आक्रामक नहीं दिखी, जितनी इस स्तर के क्रिकेट में होनी चाहिए। उनके मुताबिक, रन रोकने में ढिलाई ने विपक्षी टीम को लय में आने का मौका दिया और यहीं से मैच का रुख बदल गया।

अगर मैच की स्थिति पर नजर डालें तो शुरुआती ओवरों में भारत ने शानदार शुरुआत की थी। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स को जल्दी पवेलियन भेज दिया था। इसके बाद विल यंग का विकेट भी गिरा, लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों को अगले विकेट के लिए 31 ओवर तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने चौथे विकेट के लिए 219 रनों की बड़ी साझेदारी कर डाली।

हालांकि इंदौर में खेले गए इस मुकाबले में भारत की फील्डिंग पिछले मैचों के मुकाबले कुछ बेहतर जरूर रही और टीम ने केवल तीन अतिरिक्त रन दिए। रवींद्र जडेजा ने एक शानदार कैच भी पकड़ा, लेकिन यह प्रयास मैच का रुख बदलने के लिए काफी नहीं रहे।

इससे पहले राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे के बाद भी सुनील गावस्कर ने हैरानी जताई थी। उन्होंने कहा था कि जिस तरह न्यूजीलैंड ने 285 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया, उससे भारतीय टीम की रणनीति पर सवाल उठते हैं। उनके मुताबिक, पिच की सुस्ती का फायदा भारतीय गेंदबाज नहीं उठा सके, जबकि न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने संयम और फिटनेस के दम पर लक्ष्य को आसान बना दिया।

गावस्कर ने खास तौर पर डैरिल मिचेल की तारीफ की, जिन्होंने शतक के बाद भी लगातार तेजी से दौड़ लगाकर फील्डरों पर दबाव बनाए रखा। उनके अनुसार, यही फिटनेस, कमिटमेंट और गेम अवेयरनेस मैच का अंतर बनी है।

प्रमुख खबरें

Bihar में बैंकों की मनमानी पर Samrat सरकार का अल्टीमेटम, खराब Performance पर बंद होगा Govt Deposit

RBI का Rules पर बड़ा प्रहार, 135 Non-Banking कंपनियों का पंजीकरण हुआ रद्द।

Mukesh Ambani का एक फैसला और बाजार में हरियाली, Reliance की तेजी ने निवेशकों को किया खुश।

Gold Price पर दोहरी मार: Profit Booking और US संकेतों से 1.50 लाख के नीचे फिसला सोना