Jan Gan Man: Population के मामले में हम नंबर वन !, Ashwini Upadhyaya ने बताया क्यों जरूरी है जनसंख्या नियंत्रण

By नीरज कुमार दुबे | Jan 18, 2023

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम जन गण मन में इस सप्ताह भारत की बढ़ती आबादी के मुद्दे पर चर्चा की गयी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की आबादी में वर्ष 1961 के बाद पहली बार कमी दर्ज की गई है, इसी के साथ ही भारत सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बनने की कगार पर पहुंच गया है। कुछ रिपोर्टें तो यह दावा करती हैं कि भारत सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन भी चुका है। हम आपको यह भी बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने पिछले साल अनुमान लगाया था कि 15 नवंबर को दुनिया की आबादी आठ अरब तक पहुंच गई थी और भारत 2023 में सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन की जगह ले लेगा। अब चीन से जो आंकड़े सामने आये हैं वह दर्शा रहे हैं कि देश में पिछले वर्ष की तुलना में 2022 के अंत में आबादी 8,50,000 कम रही। 

दूसरी ओर, जब हमने इस मुद्दे पर कुछ अन्य विशेषज्ञों से बातचीत की तो उनकी दूसरी राय थी। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की घटती आबादी से चिंतित होना चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि आबादी नियंत्रण के लिए किसी तरह की जोर-जबरदस्ती के उपाय बेकार साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को दो बच्चों की संभावित नीति को लेकर जारी अफवाहों और अटकलों पर लगाम लगानी चाहिए।

विशेषज्ञ इसके पीछे जो तर्क दे रहे हैं वह यह है कि चीन के राष्ट्रीय संख्यिकीय ब्यूरो ने वर्ष 2022 के अंत में आबादी में 8,50,000 की कमी दर्ज की और संभावना जताई जा रही है कि दीर्घ अवधि तक जनसंख्या में कमी आती रहेगी। इस रुख को पलटने की चीनी सरकार की सभी कोशिशों के बावजूद जनसंख्या में यह कमी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति भारत के साथ भी आ सकती है इसीलिए इस दिशा में किसी कानून की जरूरत नहीं है सिर्फ जागरूकता बढ़ाकर ही जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

हम आपको यह भी बता दें कि चीन में वर्ष 2016 में ‘एक परिवार एक बच्चा’ नीति खत्म कर दी गई थी। साथ ही देश में परिवार के नाम को आगे बढ़ाने के लिए पुरुष संतान को तरजीह देने का चलन है। यह नीति खत्म करने के बाद चीन ने परिवारों को एक से अधिक बच्चों के जन्म के लिए प्रोत्साहित किया, हालांकि इसमें अधिक सफलता नहीं मिल पाई। चीन के शहरों में बच्चों के पालन-पोषण के अत्यधिक खर्च को अक्सर इसकी एक वजह बताया जाता है। पूर्वी एशिया के अधिकतर हिस्सों में ही ऐसा देखने को मिलता है, जहां जन्म दर में तेजी से गिरावट आई है। चीन लंबे समय से दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश रहा है, लेकिन जल्द ही भारत के इसे पीछे छोड़ने की संभावना है। भारत की अनुमानित आबादी अभी 1.4 अरब है और जो लगातार बढ़ रही है।

इसे भी पढ़ें: Jan Gan Man: Population Control Bill भारत के लिए क्यों जरूरी हो चला है? बता रहे हैं वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय

ऐसा माना जाता है कि आखिरी बार चीन में 1950 के दशक के अंत में ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ के दौरान जनसंख्या में गिरावट दर्ज की गई थी। माना जाता है कि सामूहिक खेती और औद्योगीकरण के लिए माओत्से तुंग के इस विनाशकारी अभियान के कारण अकाल की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे लाखों लोग मारे गए।

प्रमुख खबरें

PM Modi के जन्मदिन पर MP दौरे पर आएंगे BJP अध्यक्ष Nitin Nabin, CM Mohan Yadav ने दी जानकारी

Amit Shah की मौजूदगी में Kishau Dam पर 6 राज्यों में समझौता, CMs ने साइन किया MoA

Uno Minda करेगी ₹1,415 करोड़ का बड़ा Investment, तमिलनाडु और हरियाणा में बढ़ेंगे प्लांट

नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के ICU इंटरव्यू पर विवाद, Press Council करेगी YouTube ब्रॉडकास्ट की जांच