लद्दाख गतिरोध को लेकर चीन पर भरोसा कम ! आगे की हर स्थिति के लिए तैयार भारत

By अनुराग गुप्ता | Aug 06, 2021

नयी दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ तनातनी जारी है। इस तनातनी को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच में 12दौर की सैन्य स्तर की वार्ता हो चुकी है लेकिन जमी हुई बर्फ कब पिछलेगी। इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। हालांकि दोनों देशों के बीच सैनिकों की वापसी से संबंधित बचे हुए मुद्दों के समाधान के लिए स्पष्ट व गहन वार्ता हुई। इसके बावजूद भारत को चीन पर ज्यादा भरोसा नहीं है। 

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भारत-चीन संबंध चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों का सीधा रास्ता लद्दाख होकर जाता है। जिसका मतलब है कि जब तक चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जमी बर्फ नहीं पिछलने वाली है तब तक स्थिति बेहतर नहीं होगी। रिपोर्ट के मुताबिक 1980 के दशक की समानांतर कूटनीति सुझाव देने वाले किसी भी प्रस्ताव पर मोदी सरकार विचार नहीं कर रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन की पीएलए पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पार तैनात है। इसके अलावा चीन लगातार हवाई शक्ति को भी मजबूत करने में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि पिछले साल गलवान घाटी में हुई हिंसक झटक के बाद विवाद और ज्यादा गहरा गया था। इस झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। तब से दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच जारी वार्ता के चलते कुछ जगहों से सेनाएं पीछे हटी हैं।

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