Successfully Tests Agni-Prime Missile | भारत ने रेल मोबाइल लॉन्चर से अग्नि-प्राइम का सफल परीक्षण कर रचा इतिहास, बने चुनिंदा देशों में शामिल

By रेनू तिवारी | Sep 25, 2025

भारत ने गुरुवार को रेल-आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल, एक उन्नत मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने रेल आधारित मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। अगली पीढ़ी की यह मिसाइल 2,000 किलोमीटर तक की दूरी तक मार करने के लिए तैयार की गई है और विभिन्न उन्नत सुविधाओं से लैस है।

सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि विशेष रूप से तैयार रेल-आधारित मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली से किया गया यह अपनी तरह का पहला प्रक्षेपण है। उन्होंने कहा कि इसमें रेल नेटवर्क पर चलने की क्षमता है, जिससे उपयोगकर्ता समूचे देश में कहीं भी बेहद कम समय में कम दृश्यता में भी प्रतिक्रिया करने में सक्षम होंगे।

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि उड़ान परीक्षण की सफलता ने भारत को उन चुनिंदा देशों में शामिल कर दिया है जिन्होंने "चलते-फिरते रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम" विकसित किया है। सिंह ने कहा, "मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ, सामरिक बल कमान (एसएफसी) और सशस्त्र बलों को बधाई। इस सफल उड़ान के लिए।"

इसे भी पढ़ें: भारत-पाक क्रिकेट में भड़काऊ हरकतों पर हंगामा! BCCI ने हारिस रऊफ, साहिबजादा फरहान की ICC से शिकायत की, PCB ने सूर्या को घेरा

 

पोस्ट में आगे कहा गया, "मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, सामरिक बल कमान (एसएफसी) और सशस्त्र बलों को बधाई। इस सफल उड़ान परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है, जिनके पास मोबाइल रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड प्रक्षेपण प्रणाली विकसित करने की क्षमता है।" 

इसे भी पढ़ें: फलस्तीन पर मोदी सरकार की चुप्पी 'मानवता-नैतिकता का परित्याग': सोनिया गांधी का तीखा हमला

 

यह परीक्षण अगस्त में ओडिशा के चांदीपुर में मिसाइल के सफल प्रक्षेपण के बाद किया गया है। मार्च 2024 में, 'मिशन दिव्यास्त्र' के तहत अग्नि-5 का परीक्षण किया गया, जिसमें MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) क्षमता का प्रदर्शन किया गया। MIRV से लैस एक मिसाइल 3-4 परमाणु हथियार ले जा सकती है, जिनमें से प्रत्येक अलग-अलग लक्ष्यों पर निशाना साधता है। वर्तमान में, 2003 में गठित SFC केवल एकल-हथियार वाली मिसाइलों का संचालन करती है। ठोस ईंधन से चलने वाली, तीन-चरणीय अग्नि-5 को कैनिस्टर से प्रक्षेपित किया जाता है, जिससे इसे तेज़ी से तैनात किया जा सकता है। 

प्रमुख खबरें

Canon भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए Lithography तकनीक लाने की तैयारी में

Dandiya Night से पहले काली पड़ी Oxidised Jewellery चमकाने के आसान घरेलू नुस्खे

कीमतें 8% तक बढ़ने के बावजूद Consumer Appliances कंपनियों को त्योहारी बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की आस

छात्र खुदकुशी रोकने को University परिसरों के ढांचे में वैश्विक स्तर पर हुए हैं बदलाव