Stock Market में भारत को बड़ा झटका, Semiconductor की ताकत से Taiwan ने छीनी 5वीं रैंक

By Ankit Jaiswal | May 26, 2026

दुनिया भर में एआई को लेकर बढ़ती दौड़ का असर अब वैश्विक शेयर बाजारों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इसी बीच भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है। मौजूद जानकारी के अनुसार ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का स्थान हासिल कर लिया। वहीं भारत अब छठे स्थान पर पहुंच गया है।

गौरतलब है कि एआई तकनीक की बढ़ती मांग के चलते चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है। दुनिया की दिग्गज चिप कंपनी एनवीडिया की बाजार कीमत अब करीब पांच लाख बीस हजार करोड़ डॉलर बताई जा रही है। यह आंकड़ा भारत की सभी सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बाजार कीमत से भी ज्यादा माना जा रहा है।

वहीं दक्षिण कोरिया भी तेजी से भारत के करीब पहुंच रहा है। दक्षिण कोरिया की बाजार पूंजी इस साल करीब सत्तर प्रतिशत बढ़ी है और अब वह भारत से केवल आठ प्रतिशत पीछे बताया जा रहा है। वहां की प्रमुख तकनीकी कंपनियां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स एआई से जुड़ी तेजी का बड़ा फायदा उठा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशक अब उन देशों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जहां एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसी वजह से दक्षिण कोरिया और ताइवान में विदेशी निवेश बढ़ा है, जबकि भारत से इस साल अब तक बीस अरब डॉलर से ज्यादा की विदेशी निकासी हो चुकी है।

एलारा कैपिटल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल 2025 के बाद विदेशी निवेशकों ने एआई क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए दक्षिण कोरिया और ताइवान का रुख किया है। वहीं ब्राजील को कमोडिटी बाजार में तेजी का फायदा मिला है। इसका असर भारत और चीन जैसे बाजारों पर पड़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक गुप्ता के मुताबिक फिलहाल भारत को एआई आधारित बाजार के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर और एआई आपूर्ति श्रृंखला में अभी मजबूत भूमिका नहीं निभा पा रहा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों को भारत में पूंजीगत लाभ कर और रुपये में कमजोरी की चिंता भी बनी हुई है।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में जोखिम भी बढ़ रहा है, क्योंकि वहां कुछ गिनी-चुनी कंपनियों पर बाजार काफी ज्यादा निर्भर हो गया है। उदाहरण के तौर पर टीएसएमसी अकेले ताइवान के बाजार मूल्य का बड़ा हिस्सा रखती है। जबकि भारत का बाजार अपेक्षाकृत ज्यादा बड़ा माना जाता है।

बताया जा रहा है कि भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की कुल बाजार पूंजी का केवल चार प्रतिशत हिस्सा रखती है। इसके बावजूद फिलहाल एआई आधारित कंपनियों में तेजी के चलते निवेशकों का झुकाव ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों की ओर बना हुआ है।

प्रमुख खबरें

Magnus Carlsen के खिलाफ Alireza Firouzja की पहली क्लासिकल जीत, Norway Chess में हुआ सबसे बड़ा उलटफेर

Ferrari ने बदला 77 साल का इतिहास, पहली Electric Car Luce लॉन्च, जानें कीमत और दमदार Features

आयुष्मान भारत, नई शिक्षा नीति और डिजिटल संवाद को बताया गया विकसित भारत@2047 की मजबूत नींव

मोदी के सामने जो हुआ उसे कभी नहीं भूलेगा भारत, बड़ा खेल शुरू !