By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 14, 2026
भारत सालाना सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने के मामले में 2026 तक विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बनने की राह पर है। नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनएसईएफआई) ने बुधवार को यह बात कही। एनएसईएफआई के बयान के अनुसार, भारत ने मात्र 14 महीनों में 50 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़कर अब तक की सबसे तेज वृद्धि हासिल की है और 150 गीगावाट का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह तेज वृद्धि है। पहले 50 गीगावाट तक पहुंचने में 11 साल लगे थे। उसके बाद 100 गीगावाट तक पहुंचने में लगभग तीन साल लगे हैं।
वैश्विक परिदृश्यों में बदलाव के बीच, एनएसईएफआई का अनुमान है कि भारत वार्षिक क्षमता स्थापित किये जाने के मामले में 2026 तक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बनने की राह पर है। एनएसईएफआई ने कहा कि वैश्विक रुझान अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे प्रमुख बाजारों में क्षमता वृद्धि में संभावित नरमी का संकेत दे रहे हैं, जो वर्तमान में वार्षिक स्थापित क्षमता के मामले में दूसरे स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
पुलिपाका ने कहा कि इसके उलट, भारत नवीकरणीय ऊर्जा के विकास में लगातार तेजी ला रहा है और प्रमुख लक्ष्यों को लगातार पार कर रहा है। इसके साथ आने वाले वर्ष में वार्षिक क्षमता स्थापित किये जाने के के मामले में दूसरे सबसे बड़े देश के रूप में उभरने के लिए तैयार है। एनएसईएफआई ने कहा कि वितरित नवीकरणीय ऊर्जा (डीआरई) और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (सी एंड आई) स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाना अगले तीन वर्षों में वृद्धि के को गति देने वाले प्रमुख तत्व होंगे।