By अभिनय आकाश | Jul 24, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर एक बार टैरिफ का बम फोड़ दिया है। और इस बार इसकी चपेट में भारत भी आता हुआ नजर आ रहा है। जहां अमेरिका ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10% का अतिरिक्त टेरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। यानी कि अब उन सामानों पर जिन पर पहले से कुछ टैरिफ लग रहा था उनके ऊपर एक्स्ट्रा 10% का टेरिफ लगेगा। दरअसल अमेरिका का कहना है कि दुनिया के कई सारे ऐसे देश हैं जो कि कुछ उत्पादों को फोर्स लेबर यानी कि जबरन मजदूरी करके मजबूर श्रमिकों से बनवाते हैं और अमेरिका चाहता है कि उनके यहां ऐसे उत्पाद बिल्कुल भी ना आए। इसी वजह से अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय यानी कि यूएसटीआर ने जांच की है और पाया है कि कई देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं और इसी आधार पर अमेरिका ने सेक्शन 301 के तहत कारवाई करते हुए भारत समेत 17 देशों पर अतिरिक्त टेरिफ लगाने का फैसला लिया है।
आपको बता दें कि इसका जवाब है नहीं। सभी उत्पादों पर इसका असर नहीं होगा। अमेरिका ने साफ कहा है कि स्टील, एलुमिनियम जैसे उत्पाद जिन पर पहले से अलग सेलेक्टोरल टेरिफ लागू है। इस फैसले से वह बिल्कुल प्रभावित नहीं होंगे। इसके अलावा कुछ ऊर्जा और उत्पाद उर्वरक और यूएस एमसीए समझौते के तहत होने वाले व्यापार भी इस अतिरिक्त टेरिफ शुल्क के बाहर रहेंगे। यानी कि कुछ अलग सेक्शन है जो बाहर रहेंगे। जानकारी के मुताबिक भारत को पहले से ही इस फैसले की आशंका थी। इसलिए सरकार ने फोर्स लेबर से जुड़े उत्पादों की पहचान की और उनकी निगरानी के लिए नए दिशा निर्देश तैयार करने की शुरू किए थे ताकि अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का बेहतर तरीके से पालन किया जा सके और भविष्य में ऐसे कदमों से बचा जा सके। यानी कि सरकार अपनी ओर से तैयारी कर रही थी ताकि यह तहरीफ ना आए। कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो यह फैसला सीधे तौर पर भारत के खिलाफ नहीं लिया गया है। अमेरिका चाहता है कि वह इस नीति का पालन करें। जहां वैश्विक सप्लाई चेन में जेबरन मजदूरी से बने हुए उत्पाद ना पहुंचे। हो सकता है यह अमेरिका का सिर्फ एक बहाना हो। लेकिन यह भी एक सच्चाई है।