By अभिनय आकाश | Sep 02, 2026
एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था यानी हमारा भारत है तो दूसरी तरफ खाड़ी देशों का चमकता सितारा तकनीक और व्यापार का ग्लोबल हब यानी कि यूनाइटेड अरब अमीरात यानी कि यूएई। जब यह दो शक्तियां हाथ मिलाती है तो इतिहास नहीं रचा जाता है बल्कि भविष्य लिखा जाता है। ऐसे में आज भारत और यूएई की ताकत का आलम यह है कि दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देश इस दोस्ती की मिसाल दे रहे हैं और इस दोस्ती ने अब एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जो अकल्पनीय है। 100 बिलियन डॉलर का द्विपक्षी व्यापार। यह केवल पैसा नहीं है। यह दो संस्कृतियों का भरोसा है। यह भारत की एक्ट, वेस्ट पॉलिसी और यूएई के विज़न 2031 का सबसे बड़ा प्रमाण है। दरअसल इस महासफलता की कहानी शुरू होती है साल 2022 में। जब पूरी दुनिया महामारी के असर से जूझ रही थी तब भारत और यूएई ने सीईपीए पर हस्ताक्षर कर दिए। दोनों ने साथ में हस्ताक्षर किए और यह यूएई द्वारा किसी भी देश के साथ किया गया पहला द्विपक्षी व्यापार समझौता था।
इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी आईएc ने अंबानी ग्रुप के साथ मिलकर 11.5 बिलियन का एलुमिनियम प्रोजेक्ट शुरू किया है और यह भारत की औद्योगिक ताकत को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। Reliance और मुबादला। जी हां, अबू धाबी की मुबादला कंपनी ने Reliance Industries के साथ डिजिटल प्लेटफार्म में भारी निवेश किया है। डीपी वर्ल्ड कंपनी भारत के बंदरगाहों यानी कि पोर्ट्स और लॉजिस्टिक में पहले ही $3 बिलियन लगा चुकी थी और अब $5 बिलियन का और निवेश करने का संकल्प लिया है।