भारत, यूएई ऊर्जा, कौशल और शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर लाभांवित हो सकते हैं : रिपोर्ट

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 09, 2022

नयी दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात शिक्षा, ऊर्जा, कौशल और रक्षा जैसे पारस्परिक हित वाले कई क्षेत्रों में ज्ञान और सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीके साझा करके अपने बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का उल्लेखनीय तरीके से लाभ उठा सकते हैं। डेलॉयट इंडिया की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) इस वर्ष एक मई से लागू हुआ है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और आगामी वर्षों में आपसी व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर पर पहुंचाना है।

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इसमें कहा गया, ‘‘इससे भारत ऊर्जा क्षेत्र में और आत्मनिर्भर बन सकेगा,’’ तथा समझौते से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय कार्यबल के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यहां रहने वाले भारतीय स्वदेश जो धन भेजते हैं उसमें भी वृद्धि होगी। डेलॉयट इंडिया में भागीदार एवं यूएई कॉरिडोर लीडर जेहिल ठक्कर ने कहा कि समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे दोनों देशों में कितने प्रभावशाली तरीके से लागू किया जाता है। यह मुक्त व्यापार समझौता भारतीय कंपनियों को वृहद वैश्विक बाजार में कदम रखने और तेजी से बढ़ने का अवसर देगा। उन्होंने कहा कि सीईपीए से भारतीय स्टार्टअप को खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब तक पहुंच का अवसर भी मिलेगा।

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