India-US की दोस्ती में नया अध्याय, 10 साल के लिए Defence Deal रिन्यू, Underwater निगरानी पर करार

By एकता | May 24, 2026

दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक मोर्चे पर हुए समझौतों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच 10 साल के प्रमुख रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क समझौते को हाल ही में रिन्यू किया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने पानी के नीचे की गतिविधियों की निगरानी के लिए एक व्यापक 'अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस' रोडमैप पर भी हस्ताक्षर किए हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए 'मेक इन इंडिया' दृष्टिकोण और हाल के युद्धों से सीखे गए सबक को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

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1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा जरूरी

डॉ. जयशंकर ने ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखते हुए कहा, "हमारी सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी देश के 1.4 अरब लोगों की जरूरतों को पूरा करना है। जनता के लिए ऊर्जा की पहुंच और उसकी सही कीमत सुनिश्चित करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसलिए, हम हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच हुए ऊर्जा व्यापार के विस्तार का स्वागत करते हैं। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के केंद्र में अलग-अलग सप्लाई सोर्सेज शामिल हैं।" उन्होंने आगे बताया कि बैठक में परमाणु ऊर्जा सहयोग पर भी बात हुई है। अमेरिका में 'शांति अधिनियम' के पास होने से नई संभावनाएं खुली हैं। हाल ही में एक अमेरिकी दल भारत आया था और उम्मीद है कि परमाणु क्षेत्र में सहयोग जल्द ही हकीकत बनेगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी पक्ष से जुड़े कुछ नियामक मुद्दे भी रूबियो के सामने उठाए।

लोकतंत्र में जनता को देना होता है जवाब

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के प्रति जवाबदेही पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "मुझे वाशिंगटन वापस जाकर अपने हर फैसले को अमेरिकी जनता के सामने सही ठहराना होता है और राष्ट्रपति को भी यही करना होता है। हमें बताना पड़ता है कि कोई फैसला हमारे देश के लिए क्यों अच्छा है। भारत में हमारे साथियों को भी ठीक यही करना होता है। दुनिया के हर देश में यह बात कुछ हद तक सच हो सकती है, लेकिन लोकतंत्रों के लिए यह विशेष रूप से सच है।"

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स्वतंत्र मीडिया और खुली जांच का महत्व

मार्को रूबियो ने भारत के बड़े मीडिया जगत का जिक्र करते हुए कहा, "लोकतंत्रों में विपक्षी दल होते हैं और एक स्वतंत्र व खुला मीडिया होता है। भारत में तो बहुत सारे मीडिया संस्थान हैं, जिसका मतलब है कि यहां हर चीज की बहुत बारीकी से जांच-परख होती है और उस पर पूरा ध्यान दिया जाता है। लेकिन यही बात हमारे हितों को एक-दूसरे के साथ जोड़ती है। हम दोनों ही इस बात को मानते हैं और हमारे बीच यह आपसी सम्मान और समझ है कि हम जो भी फैसला लेते हैं या जिस भी काम पर साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, आखिरकार हमें अपने मतदाताओं और अपनी जनता के पास वापस जाकर उसे सही ठहराना होता है, जिन्होंने हमें इन पदों पर बिठाया है।"

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