By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 25, 2026
हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शानदार शतक के बाद वैष्णवी शर्मा की फिरकी के जादू से भारत ने रविवार को यहां जिम्बाब्वे को दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 121 रन से हराकर तीन मैच की शृंखला में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली। भारत के 329 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (49), चिपो मुगेरी तिरिपानो (46) और बिलव्ड बिजा (34) की उम्दा पारियों के बावजूद 48.5 ओवर में 207 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से अपना दूसरा एकदिवसीय मैच खेल रही वैष्णवी ने 39 रन देकर चार जबकि ऑफ स्पिनर दीप्ति ने 32 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
फिरी को नौवें ओवर में श्री चरणी ने मिडविकेट पर शेफाली वर्मा के हाथों कैच कराया। मुपाचिकवा हालांकि अच्छी लय में नजर आईं। उन्होंने सयाली सतघरे की पारी की शुरुआती दो गेंद पर चौका मारा और फिर जिंतिमणि कलीता पर भी लगातार दो चौके मारे।
तिरिपानो ने आते ही दीप्ति पर दो चौके मारे और फिर 13वें ओवर में श्री चरणी पर भी तीन चौके मारे। मुपाचिकवा ने वैष्णवी शर्मा पर चौके के साथ 19वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया। सतघरे ने तिरिपानो को बोल्ड करके इस साझेदारी को तोड़ा।
उन्होंने 57 गेंद की अपनी पारी में सात चौके मारे। वैष्णवी ने इसके बाद मुपाचिकवा को स्थानापन्न खिलाड़ी हरलीन देओल के हाथों कैच कराके अपना पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। वैष्णवी ने इसके बाद बिजा (34) को भी बोल्ड करके जिम्बाब्वे को चौथा झटका दिया और फिर मिशेल मावुंगा (03) को भी बोल्ड किया।
जिम्बाब्वे को अंतिम पांच ओवर में जीत के लिए 156 रन की दरकार थी लेकिन टीम इस स्कोर के करीब भी नहीं पहुंच सकी। वैष्णवी ने जोसेफिन एनकोमो (22) को पगबाधा करके अपना चौथा विकेट हासिल किया जबकि दीप्ति ने नयाशा ग्वानजुरा (20), नोमवेलो सिबांडा (00) और तेंडाई माकुशा (00) को पवेलियन भेजा। इससे पहले हरमनप्रीत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से मैदान पर मौजूद दर्शकों का मनोरंजन किया।
ऑफ साइड में उनके आकर्षक कवर ड्राइव और कट शॉट देखने लायक थे। उन्होंने प्रतिका और ऑलराउंडर दीप्ति के साथ शतकीय साझेदारियां करके भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही।
कप्तान स्मृति मंधाना (00) और शेफाली वर्मा (08) सस्ते में पवेलियन लौट गईं। नवनियुक्त कप्तान स्मृति मैच के पहले ओवर में पुल शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठीं जबकि शेफाली ने मिडविकेट पर नयाशा ग्वानजुरा को कैच थमाया। दोनों विकेट नोमवेलो सिबांडा (38 रन पर दो विकेट) के खाते में गए।
इसके बाद प्रतिका और हरमनप्रीत ने पारी को संभाला। शानदार फॉर्म में चल रहीं प्रतिका 23वें ओवर में डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठीं। ग्वानजुरा की गेंद पर बिलव्ड बिजा ने उनका कैच लपका।
तेजल हसबनीस भी सिर्फ तीन रन बनाने के बाद ओलिंडर चेयर की गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में मिशेल नावुंगा के हाथों लपकी गईं। इसके बाद हरमनप्रीत ने अपनी बेहतरीन और संतुलित पारी से मैच पर नियंत्रण बना लिया। हालांकि उन्हें किस्मत का भी साथ मिला और तीन बार उनके कैच छूटे।
यह हरमनप्रीत का आठवां एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक था। ऐसा लग रहा है कि कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद वह अपने खेल का भरपूर आनंद ले रही हैं। हरमनप्रीत अंतत: मावुंगा की गेंद पर स्थानापन्न खिलाड़ी कुडजाइ चिगोरा के हाथों लपकी गईं।
भारतीय टीम पारी का अंत उम्मीद के मुताबिक नहीं कर सकी। टीम की फिनिशर ऋचा घोष (07) ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं जिससे रन गति पर अंकुश लगा। दीप्ति ने पारी के अंतिम ओवर में स्क्वायर लेग की दिशा में चौका लगाकर अपना दूसरा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया।