नेपाल के राष्‍ट्रपति ने सेना प्रमुख नरवणे को मानद पद से किया सम्‍मानित

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 06, 2020

काठमांडू। भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। यह जानकारी अधिकारियों ने यहां दी। नेपाल सेना के सूत्रों ने बताया कि नरवणे और ओली के बीच बैठक बालूवाटार स्थित उनके आधिकारिक निवास पर हुई। ओली नेपाल के रक्षा मंत्री भी हैं। सूत्रों ने बताया कि जनरल नरवणे तीन दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं। उन्होंने इससे पहले दिन में पहाड़ों के ऊपर एक उड़ान का आनंद लिया और वह इसदौरान दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के प्रवेश द्वार सियांगबोचे हवाई अड्डे पर संक्षिप्त समय के लिए रुके।

नेपाल ने इस वर्ष की शुरुआत में एक नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया था और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया था जिसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में तनाव आ गया था। तब से दोनों देशों के बीच भारत की ओर से यह काठमांडू की पहली उच्चस्तरीय यात्रा होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आठ मई को उत्तराखंड के धारचूला को लिपुलेख दर्रे से जोड़ने वाली 80 किलोमीटर लंबी रणनीतिक सड़क का उद्घाटन किए जाने के बाद नेपाल ने विरोध जताया था। नेपाल ने दावा किया था कि यह सड़क उसके क्षेत्र से होकर गुजरती है। कुछ दिनों बाद, उसने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने क्षेत्र के तौर पर दिखाते हुए नया नक्शा जारी किया था। भारत ने भी नवंबर 2019 में एक नया नक्शा प्रकाशित किया था जिसमें इन क्षेत्रों को भारत के क्षेत्र के रूप में दिखाया गया था।

इसे भी पढ़ें: इन 5 महिलाओं समेत एक दर्जन से अधिक भारतवंशी सदस्यों ने राज्यों में दर्ज की जीत

नेपाल द्वारा नक्शा जारी किए जाने के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, इसे ‘‘एकतरफा कृत्य’’ बताया था और काठमांडू को आगाह करते हुए कहा था कि क्षेत्रीय दावों का ऐसा ‘‘कृत्रिम विस्तार’’ उसे स्वीकार्य नहीं होगा। भारत ने कहा था कि नेपाल का यह कदम दोनों देशों के बीच बातचीत के माध्यम से सीमा मुद्दों को हल करने के लिए बनी सहमति का उल्लंघन करता है। सेना प्रमुख को नेपाल के साथ संबंधों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए काठमांडू भेजने के भारत के फैसले को चीन द्वारा क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने के प्रयासों के मद्देनजर म्यांमार, मालदीव, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान और अफगानिस्तान के साथ संबंधों को मजबूत करने के भारत के व्यापक प्रयासों के हिस्से के तौर पर देखा हा रहा है। जनरल नरवणे का शुक्रवार दोपहर को स्वदेश रवाना होने का कार्यक्रम है।

प्रमुख खबरें

Baramati Bypoll: NCP के भारी दबाव के आगे झुकी Congress, सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना तय

हताश डेविड मिलर का कप्तान अक्षर पटेल ने बढ़ाया हौसला, ड्रेसिंग रुम का बदल दिया पूरा माहौल

Mehbooba Mufti बोलीं- Pakistan ने World War होने से बचा लिया, Omar Abdullah ने India की Israel से दोस्ती पर उठाये सवाल

Women Health: ये 5 Super Drinks रखेंगी मां और बच्चे को Healthy, दिनभर रहेगी भरपूर Energy