By नीरज कुमार दुबे | Jan 15, 2026
78वें सेना दिवस पर राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित परेड में भारतीय सेना ने अपने शौर्य, जुनून, साहस और अजेय ताकत का प्रदर्शन किया। जयपुर शहर में पहली बार सार्वजनिक रूप से आयोजित इस परेड को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। सेना की सप्त शक्ति कमान की ओर से 78वीं सेना दिवस परेड का आयोजन जगतपुरा के महल रोड पर हुआ। परेड में जयपुर सैन्य शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का मंच बना। इस परेड में भारतीय सेना की आधुनिक सैन्य शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। इस बार सेना दिवस की थीम 'भारतीय सेना शौर्य और बलिदान' रखी गई है। खास बात यह है कि इस दौरान स्वदेशी हथियारों का कौशल दिखाया गया।
परेड से पहले मिलिट्री स्टेशन पर बने प्रेरणा स्थल पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ) अनिल चौहान, थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी, एयर कोमोडर पुरुषोत्तम वर्मा, वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने पुष्पगुच्छ अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जवानों को 'वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया। उन्होंने सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को (मरणोपरांत) सेना पदक वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। जब सेनाध्यक्ष शहीदों के परिजनों को सेना पदक से सम्मानित कर रहे थे तो परिजन की आंखों से आंसू छलक उठे।
पुरस्कार समारोह के बाद परेड कमांडर, परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र और पुरस्कार विजेताओं ने सलामी दी। तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने परेड पर पुष्प वर्षा की। नेपाली बैंड के साथ परेड की शुरुआत हुई। इसके बाद 61 केवलरी रेजीमेंट के जवान, टोही दस्ता, ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक, शिल्का एवं ध्रुव तोप और अत्याधुनिक ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। पहाड़ी रेगिस्तान और मैदानी इलाकों में तेजी से काम करने वाले बख्तरबंद वाहन व बीएमपी, के—9 वज्र तोप, 155 एमएमए अमोघ, स्वदेशी त्रिशूल शक्तिबाण, संयुक्ता जैमर, पिनाका लॉन्चर की ताकत दिखाई गई। परेड के माध्यम से टैंक, अत्याधुनिक तोपें, मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम का प्रदर्शन कर भारतीय सेना की ताकत का संदेश दिया गया। परेड में भारतीय सेना के श्वान दस्ते भी शामिल हुए।
पैरा ट्रूपर जब परेड के ऊपर से गुजरे तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। भारतीय सेना की नवगठित भैरव बटालियन के जवानों ने परेड में जोश भर दिया। परेड में लद्दाख, डोगरा, हिमाचल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम स्काउट्स के दस्ते ने भाग लिया। मराठा लाइट इन्फेन्ट्री, मद्रास रेजीमेंट, राजपूत रेजीमेंट, डोगरा रेजीमेंट, आर्टिलरी रेजीमेंट, नेशनल कैडेट्स कोर के कैडेट्स ने बैंड वादन प्रस्तुत किया।
परेड में प्रदर्शित झांकियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ राजस्थान की समृद्ध लोक कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। राजस्थान का लोक नृत्य कच्छी घोड़ी, पारंपरिक लोक नृत्य दंगल साथ राजस्थान की मनोहारी झांकी को प्रदर्शित किया गया। वायु योद्धा अपाचे, प्रचंड, ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर ने परेड के ऊपर से गुजरकर सेना के अधिकारियों, अतिथियों और दर्शकों का स्वागत किया। इसके बाद सेना सेवा कोर के जवानों ने मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए।
हम आपको बता दें कि परेड की शुरुआत में लघु फिल्म के माध्यम से भारतीय सेना की यात्रा दिखाई गई। इसके बाद ऑॅपरेशन सिंदूर आधारित लघु फिल्म में जब पहलगाम हमले को दिखाया तो लोगों की आंखों से आसूं छलक उठे। दर्शकों ने ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाकर सेना के जवानों की हौसला अफजाई की। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा सहित कई मंत्री और अन्य लोग कार्यक्रम में मौजूद थे।
इस दौरान सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना भविष्य के लिए तैयार बल के रूप में आगे बढ़ रही है और न केवल मौजूदा चुनौतियों का सामना कर रही है बल्कि भविष्य के युद्धों के लिए भी तैयारी कर रही है। सेना दिवस परेड के अवसर पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, "भारतीय सेना एक 'फ्यूचर रेडी फोर्स' के रूप में आगे बढ़ रही है जिसके पास अच्छी तरह से प्रशिक्षित सैनिक, आधुनिक उपकरण और मल्टी-डोमेन ऑपरेशनल क्षमताएं मौजूद हैं। प्रौद्योगिकी का उपयोग सैनिकों को और अधिक सक्षम बनाने के लिए किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारतीय सेना की सोच में साफ बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना की सोच में स्पष्ट बदलाव आया है। हम वर्तमान की चुनौतियों का ही नहीं बल्कि भविष्य के युद्धों की तैयारी में भी गंभीरता से काम कर रहे हैं। इसी दिशा में नयी 'सरंचनाएं' बनाई जा रहे हैं जिन्हें भविष्य की जरूरत के हिसाब लैस और प्रशिक्षित किया जा रहा है।’’ उन्होंने इस संदर्भ में कहा कि सेना में भैरव बटालियन और शक्ति बाण रेजिमेंट जैसी नई यूनिट बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, "यह चुस्त, जवाबदेह और मिशन-केंद्रित सेना के निर्माण को दिखाता है जो भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप है।" उन्होंने कहा कि आज की परेड में परंपरा और परिवर्तन का खूबसूरत संगम देखने को मिला।
उन्होंने कहा, "परेड में शामिल नेपाल आर्मी बेंड ने हमारे प्रगाढ़ सम्बन्धों को दर्शाया जबकि नयी इकाइयों ने सेना की उभरती शक्ति को प्रदर्शित किया।" उन्होंने कहा, "भारतीय सेना हर समय पूरे तरीके से तैयार है किसी भी स्थिति से निपटने के लिए। हमारी भविष्य की लड़ाइयों के लिए तैयारी पूरी है। यह परेड में हमने दिखाया। ऐसी तैयारी आने वाले दिनों में बढ़ती रहेगी।’’ सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘भारतीय सेना समय के साथ अपने आप को बदलती रहेगी और जो बदलाव लाने हैं वह लाती रहेगी।’’
उन्होंने कहा कि "मेड इन इंडिया" उपकरणों के प्रदर्शन से परेड में यह दिखाया गया कि बदलाव की नींव आत्मनिर्भरता है। उन्होंने कहा, "भारतीय सेना को भविष्य में भी ऐसे उपकरण चाहिए जो भारत में ही डिज़ाइन और विकसित किए गए हों। स्वदेशीकरण केवल लक्ष्य नहीं है बल्कि आज की तारीख में यह रणनीतिक आवशयकता बन चुकी है।’’ जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऐसे संसाधनों पर विशेष जोर दिया जा रहा है जो सैन्य और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए उपयोगी हों, जिससे देश के समग्र विकास में योगदान मिले। जयपुर में सेना दिवस परेड आयोजित करने के बारे में उन्होंने कहा कि राजस्थान वह वीर भूमि है जहां कई नायकों ने इतिहास रचा है और इसलिए इस भूमि को सेना दिवस परेड के लिए चुना गया। हम आपको यह भी बता दें कि परेड देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। लोगों ने परेड के आयोजन और भारतीय सेना के शौर्य को खूब सराहा।