By Ankit Jaiswal | Apr 06, 2026
भारतीय मुक्केबाजी में विश्वनाथ सुरेश एक नया नाम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है, जिन्होंने एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच लिया। मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में खेले गए मुकाबले में उन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन और नंबर एक खिलाड़ी सानझार ताशकेनबे को नॉकआउट कर बड़ा उलटफेर किया।
चेन्नई से आने वाले 21 वर्षीय विश्वनाथ सुरेश ने बहुत कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली है। गौरतलब है कि साल 2026 की शुरुआत उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियन के रूप में की, जहां एलीट पुरुष राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में उन्होंने ऋषि सिंह को एकतरफा अंदाज में हराया।
उनका सफर जूनियर स्तर से ही शानदार रहा। साल 2022 में उन्होंने युवा विश्व चैंपियनशिप और एशियाई युवा चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इसके बाद साल 2024 में एशियाई अंडर-22 प्रतियोगिता में कांस्य पदक और 2025 में फेडरेशन कप में स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर किया है।
अब सीनियर स्तर पर भी विश्वनाथ ने खुद को साबित करना शुरू कर दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, उनकी तेज गति, सटीक तकनीक और रणनीतिक सोच उन्हें फ्लाईवेट वर्ग में एक मजबूत खिलाड़ी बनाती है। सेना खेल संस्थान में प्रशिक्षण और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के समर्थन के साथ वह लगातार अपने खेल को निखार रहे हैं।
गौरतलब है कि जिस तरह से उन्होंने विश्व नंबर एक खिलाड़ी को हराया, उससे यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में वह भारत के लिए बड़े मंच पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं और भारतीय मुक्केबाजी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।