By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026
भुवनेश्वर, सात अक्टूबर भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने बुधवार को कहा कि समुद्री खोज एवं बचाव (एसएआर) अभियानों का भविष्य उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग, तुरंत सूचना साझा करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जैसे पहलुओं पर निर्भर करता है। शिवमणि ने यहां राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव (एनएमएसएआर) बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता की। वर्ष 2002 में गठित एनएमएसएआर बोर्ड, 46 लाख वर्ग किलोमीटर में फैले भारतीय खोज एवं बचाव क्षेत्र में समुद्री अभियानों की तैयारियों की समीक्षा करने वाली देश की शीर्ष समिति है।
तटरक्षक बल द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, बोर्ड की 24वीं बैठक में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खोज एवं बचाव ढांचे को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें यह माना गया कि समुद्री आपात स्थितियां किसी भौगोलिक सीमा में बंधी नहीं होतीं, इसलिए दुनिया भर के राहत एवं बचाव केंद्रों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।