By अंकित सिंह | Mar 10, 2026
इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड द्वारा संचालित देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके सीईओ पीटर एल्बर्स ने इस्तीफा दे दिया है। यह कदम दिसंबर में एयरलाइन के अब तक के सबसे भीषण उड़ान संकट के बाद उठाया गया है। प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने अंतरिम आधार पर एयरलाइन का प्रबंधन संभाल लिया है। एल्बर्स ने एयरलाइन के सह-संस्थापक भाटिया को लिखे अपने इस्तीफे पत्र में कहा कि हमारी बातचीत के अनुसार, व्यक्तिगत कारणों से, मैं आज से इंडिगो के सीईओ पद से अपना इस्तीफा दे रहा हूँ। कृपया नोटिस अवधि माफ कर दें।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 से पिछले कुछ वर्षों में इंडिगो के सीईओ के रूप में सेवा करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही है। इंडिगो परिवार का हिस्सा बनना, इसकी शानदार विकास गाथा और इस दिशा में हमने मिलकर जो कदम उठाए हैं, वे मेरे लिए बेहद खुशी की बात हैं। सितंबर 2022 में एल्बर्स के कार्यभार संभालने के बाद से तीन साल से कुछ अधिक समय में ही इंडिगो ने 10 अरब डॉलर के राजस्व का आंकड़ा पार कर लिया है, अपने बेड़े को 440 से अधिक विमानों तक विस्तारित किया है और एयरबस ए320 परिवार के 500 विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया है।
लेकिन अपनी सफलताओं के बावजूद, एल्बर्स का कार्यकाल दिसंबर 2025 में एक बड़े परिचालन संकट से दागदार हो गया। यह उड़ान संकट इंडिगो द्वारा पायलटों की थकान को रोकने के लिए बनाए गए नए नियमों को लागू करने में हुई विफलता के कारण उत्पन्न हुआ। 3 से 5 दिसंबर के बीच, इंडिगो ने 2,500 से अधिक उड़ानें रद्द कीं और लगभग 1,900 उड़ानों में देरी की, जिससे 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। डीजीसीए ने एल्बर्स पर ₹22.20 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया और उन्हें सीधे कारण बताओ नोटिस जारी किए। हालांकि शुरुआत में उनके इस्तीफे की मांग का उन पर कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन इस संकट ने एयरलाइन की समयबद्धता की प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचाया।