जानिये देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और खानपान के बारे में

By प्रीटी | Aug 29, 2020

देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार और मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप में विख्यात इंदौर शहर की हर अदा निराली है। हालाँकि कोरोना काल में इंदौर पर भारी आपदा आई और यह सर्वाधिक संक्रमण वाला शहर भी बना लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। इंदौर शहर सिर्फ घूमने के लिए ही नहीं बल्कि कारोबार करने और खाने-पीने का शौक रखने वालों के लिए भी बेहतरीन जगह है। जनसंख्या की दृष्टि से मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर होने के बावजूद साफ-सफाई के प्रति यहाँ जैसी जागरूकता है वैसी देश के अन्य महानगरों में देखने को नहीं मिलती है। यही कारण रहा है कि इंदौर लगातार चौथी बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना है।

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ब्रिटिश काल से ही इंदौर एक औद्योगिक शहर के रूप में विख्यात रहा है। यहाँ हजारों की संख्या में छोटे-बडे उद्योग हैं। उद्योगों में बड़ी संख्या में स्थानीय और कई एमएनसी भी हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योग व्यावसायिक वाहन बनाने वाले व उनसे सम्बन्धित उद्योग हैं, इसे "भारत का डेट्राइट" भी कहा जाता है। भारत का तीसरा सबसे पुराना शेयर बाजार, मध्य प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज इंदौर में ही स्थित है। औद्योगिक शहर के साथ-साथ इंदौर शिक्षा का भी केन्द्र है। यह भारत का एकमात्र शहर है, जहाँ भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम इंदौर) व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी इंदौर) दोनों स्थापित हैं। स्मार्ट सिटी मिशन में जिन 100 भारतीय शहरों को चयनित किया गया है जिनमें इंदौर भी है।

देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर सामान और सेवाओं के लिए एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र है। इंदौर शहर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में कई देशों से निवेशकों को आकर्षित करता है। इंदौर अनाज मंडी, इंदौर संभाग की मुख्य व केन्द्रीय मंडी है, यह सोयाबीन के लिये देश का प्रमुख विपणन केन्द्र भी है। इसके अलावा यहाँ पर गेहू, चना, डॉलर चना, सभी प्रकार की दाले, कपास व अन्य सभी फसलों का कारोबार किया जाता है। इंदौर अनाज मंडी से आसपास के जिलों जैसे धार, खरगोन, उज्जैन, देवास आदि के किसान भी जुड़े हुए हैं।

खूबसूरत शहर इंदौर अपने विशिस्ट खान-पान के लिये प्रसिद्ध है। यहाँ के नमकीन, पोहा और जलेबी, चाट (नमकीन), कचौड़ी, गराड़ू, भुट्टे का कीस, सेंव-परमल और साबूदाना खिचड़ी स्वाद में अपनी अलग पहचान बनाये हुए हैं। मिठाई में मूंग का हलवा, गाजर का हलवा, रबड़ी, मालपुए, फालूदा कुल्फी, गुलाब जामुन, रस-मलाई, रस गुल्ला चाव से खाये जाते हैं। इसके अलावा मराठा, मुगलई, बंगाली, राजस्थानी और एक किस्म का स्थानीय व्यंजन दाल-बाफला काफी प्रसिद्ध है। सराफा बाजार और छप्पन दुकान, इंदौर के एक प्रमुख खाद्य स्थल हैं। आम तौर पर नमकीन इंदौर में प्रमुखता से परोसा जाता है। सेंव-परमल यहाँ का प्रसिद्ध नाश्ता है।

इंदौर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की बात करें तो उनमें निम्न शामिल हैं-

खजराना मंदिर- खजराना मंदिर भगवान गणेश का एक सुन्दर मंदिर है। ये मंदिर विजय नगर से पास है। ये मंदिर अहिल्या बाई होलकर ने दक्षिण शैली में बनवाया था। यह मंदिर इन्दौरवासियों की आस्था का केंद्र है। यहाँ पर भगवान गणेश के साथ माता दुर्गा, लक्ष्मी, साईबाबा आदि भगवान के मंदिर हैं।

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राजबाड़ा- यह शहर के बीचोंबीच स्थित है। 1084 के दंगों के समय इसमें आग लग जाने से इसको बहुत क्षति पहुँची थी। उसके बाद इसको कुछ सीमा तक पुनर्निर्मित करने का प्रयत्न किया गया है।

कांच मन्दिर- यह एक जैन मन्दिर है जिसमें दीवारों पर अन्दर की तरफ कांच से सजाया गया है।

नाहर शाह वली दरग़ाह- हजरत नाहर शाह वली दरगाह इंदौर की सबसे पुरानी दरगाह है और खजराना क्षेत्र में स्थित है।

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कृष्णपुरा की छतरियाँ- काह्न नदी के किनारे होलकर काल में बनाई गई छतरियाँ हैं। यह स्थान राजबाड़े से लगभग 100 मीटर की दूरी पर है।

इसके अलावा अन्य आकर्षण स्थलों में बड़ा गणपती मन्दिर लालबाग, मल्हार आश्रम, बिजासन माता मन्दिर, अन्नपूर्णा देवी मन्दिर, यशवंत निवास, जमींदार बाडा, हरसिद्धी मंदिर, पंढ़रीनाथ, टाउन हॉल, अहिल्याश्रम, छत्रीबाग, माणिक बाग, सुखनिवास, फूटीकोठी, दुर्गादेवी मंदिर, इमामबाडा, श्री ऋद्धि सिद्धि चिन्तामन गणेश मंदिर आदि शामिल हैं।

-प्रीटी

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