By दिनेश शुक्ल | Mar 04, 2021
इंदौर। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी नगर निगम प्रदर्शन सूचकांक में इंदौर नगर निगम का काम देश भर में नम्बर वन है, जबकि इस सूचकांक में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल ने तीसरा स्थान हासिल है। वहीं सरल जीवन सूचकांक में इंदौर रहने लायक शहरों की सूची में 9वें स्थान पर है। पिछले साल इंदौर इस सूचकांक में आठवें नम्बर पर था।
केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न मापदंडों के आधार पर शहरों की स्थिति के अनुसार उन्हें रैंकिंग दी गई है। इसमें शहरों की स्वच्छता, आबोहवा, वहां व्यापार का स्तर से लेकर नागरिकों की जागरुकता तक हर चीज को देखा गया। सडक़ कनेक्टिविटी पर भी विशेष ध्यान दिया गया। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने इस सूची की घोषणा से पहले इंदौर की जमकर तारीफ की, यहां सूखे नाले में हुए क्रिकेट, दंगल और शादी समारोह के बारे में बताया और इंदौर नगर निगम के कार्यों की तारीफ की। इस दौरान इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, संभाग आयुक्त डॉ पवन कुमार शर्मा सहित कई अफसर के काम की उन्होंने सराहना की।
गौरतलब है कि ईज ऑफ लिविंग यानी जीवन की सुगमता के आधार पर केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 2018 में पहली बार रैंकिंग जारी की थी। पुणे ने इसमें बाजी मारी थी, टॉप-10 में भोपाल 10वें नंबर पर रहा था। नवी मुंबई दूसरे और ग्रेटर मुंबई तीसरे नंबर पर रहा था। देश की राजधानी नई दिल्ली टॉप-50 में भी जगह नहीं बना पाई थी। दिल्ली का रैंक 65वां था। उत्तर प्रदेश का रामपुर शहर इस सूची में सबसे आखिरी में था। इसके अलावा 116 बड़े शहरों में से कोलकाता ने इस सर्वेक्षण में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
अन्य प्रमुख शहरों में चेन्नई 14वें, अहमदाबाद 23वें, हैदराबाद 27वें स्थान पर हैं। उत्तर प्रदेश का कोई भी शहर टॉप-10 में नहीं आ पाया था।10 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों में सरल जीवन सूचकांक में 9वें नंबर पर आया है। इस सूची में बेंगलुरु पहले नंबर पर है। इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर पिछले 4 साल से स्वच्छता में नंबर वन पर आ रहा है। इसके पीछे शहर के जनता, जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कर्मचारी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सपनों के शहर इंदौर को हमेशा आगे लाने का प्रयास कर रहे हैं।