By अनुराग गुप्ता | Aug 03, 2021
नयी दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने न सिर्फ आईसीसी ट्रॉफियों पर कब्जा किया बल्कि विदेशी सरजमीं पर भी फतह हासिल की। 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप हो या फिर 2011 वर्ल्ड कप उनकी कप्तानी के सामने अच्छे-अच्छे दिग्गज नहीं टिक पाए और तो और भारतीय क्रिकेट टीम के 'द वॉल' कहे जाने वाले पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने उनकी जमकर प्रशंसा की थी।
2011 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी के अलावा गौतम गंभीर ने ताबड़तोड़ पारी खेली थी। उन्होंने 9 चौकों की मदद से 97 रन बनाए थे। हालांकि जीत के लिए जहीर खान और युवराज सिंह का योगदान भूला नहीं जा सकता है। खून की उल्टियां करते हुए युवराज सिंह ने न सिर्फ बल्ले से बल्कि अपनी गेंद की धार से विरोधियों से विकेट चटकाए थे।