By Ankit Jaiswal | May 18, 2026
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर सामने आया पेपर लीक मामला लगातार गंभीर होता जा रहा हैं। अब इस पूरे मामले में एक कोचिंग शिक्षक की सतर्कता और साहस की कहानी भी सामने आई हैं, जिसने कथित लीक की परतें खोलने में अहम भूमिका निभाई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सीकर में पिछले 13 वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले एक रसायन विज्ञान शिक्षक परीक्षा के बाद अपने कमरे पर लौटे थे। उसी दौरान उनके मकान मालिक ने उन्हें एक वायरल पीडीएफ दिखाई। शिक्षक ने जब उस पीडीएफ में मौजूद सवालों को परीक्षा में आए असली प्रश्नपत्र से मिलाया तो उन्हें कई सवाल हूबहू समान दिखाई दिए।
शिक्षक ने बताया कि पहले उन्हें भरोसा नहीं हुआ, लेकिन दोबारा जांच करने पर मामला गंभीर लगा। इसके बाद उन्होंने अपने एक जीव विज्ञान शिक्षक साथी से संपर्क किया। दोनों ने पूरी रात जागकर पीडीएफ और असली प्रश्नपत्र का मिलान किया। एक-एक सवाल और जवाब को ध्यान से जांचने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि पेपर लीक हुआ है।
गौरतलब है कि परीक्षा के समय कोचिंग हब में अफवाहें अक्सर फैलती रहती हैं, लेकिन इस बार मामला अलग था। शिक्षक ने देर रात ही पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने पहले उनसे पूरे सबूत इकट्ठा कर लाने को कहा। इसके बाद शिक्षक वापस लौटे और स्क्रीनशॉट, सवालों के क्रम और अन्य जानकारियां जुटाने में लग गए है।
बताया जा रहा है कि 6 मई तक उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को ईमेल के जरिए पूरी जानकारी भेज दी थीं। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को भी इस मामले से अवगत कराया गया। अगले ही दिन उनसे गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों की ओर से संपर्क किया गया है।
मामले के सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली। लगातार बढ़ते दबाव और धांधली के आरोपों के बीच 12 मई को एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था।
शिक्षक ने कहा कि उन्हें पता था कि इस खुलासे के बाद लाखों छात्रों की मेहनत पर असर पड़ेगा, लेकिन चुप रहना सही नहीं होता। उनका कहना था कि कई छात्र दो से तीन साल तक लगातार मेहनत करते हैं और ऐसे में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
बता दें कि इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही हैं। जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क, कोचिंग कनेक्शन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई हैं। वहीं, इस पूरे विवाद के बाद देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।