हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने के लिए मुख्य सचिव ने दिए अधिकारियों को निर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2022

चंडीगढ़  मुख्य सचिव  संजीव कौशल ने आगामी सीजन को देखते हुए फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अभी से कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने एक्स सीटू प्रबंधन हेतु वर्तमान प्रौद्योगिकियों के अलावा नई प्रौद्योगिकियों और परियोजनाओं की संभावनाएं तलाशने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव आज आगामी सीजऩ के लिए एक्स सीटू प्रबंधन के संबंध में बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा की गत वर्ष पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है और इस वर्ष भी पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने के लिए अभी से कार्य योजना तैयार की जाए। इसके लिए ग्राम स्तर पर भी कमेटियां बनाई जाएं ताकि जमीनी स्तर पर पराली जलाने की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और किसानों को भी पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा सके।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन-सीटू प्रबंधन व्यापक स्तर पर किया जा रहा है और इसके साथ ही एक्स सीटू प्रबंधन पर अधिक जोर देने की जरूरत है। इसके लिए वर्तमान प्रौद्योगिकियों के अलावा नई नई प्रौद्योगिकियों और नई परियोजनाओं की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। श्री संजीव कौशल ने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में बायोमास एनर्जी प्लांट, एथेनॉल प्लांट, और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट को और अधिक व्यवहार्य बनाने और इनकी संख्या बढ़ाने के लिए सहकारी चीनी मिलों की लागत का अध्ययन (कॉस्टिंग स्टडी) करवाया जाए, ताकि अधिक मात्रा में पराली की खपत को बढ़ावा मिले।

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बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री हरदीप सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा एक्स सीटू प्रबंधन के लिए किसानों को विभिन्न उपकरण जैसे स्ट्रॉ स्लैशर, शरेडर, हे-रेक और स्ट्रॉ बेलेर के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है ताकि किसान पराली को न जलाएं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 के दौरान किसानों को एक्स सीटू प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर 449 स्ट्रॉ बेलेर प्रदान किए गए हैं। इस वर्ष के लिए 26 औद्योगिक इकाइयों ने 4.25 लाख मीट्रिक टन पराली की आवश्यकता दर्ज कराई है।

बैठक में बताया गया कि पराली की खपत के लिए प्रदेश में बायोमास प्रोजेक्ट लगाए गए हैं और वर्तमान में 11 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें 4.48 लाख मीट्रिक टन पराली  का उपयोग किया जा रहा है और वर्ष 2022-23 में 6.43 लाख मीट्रिक टन का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा दो और बायोमास पावर प्रोजेक्ट तथा एक एथेनॉल प्लांट का कार्य भी जुलाई 2022 में पूरा हो जाएगा। इन प्लांट के पूरा होने के बाद 4.26 लाख मीट्रिक टन पराली का अतिरिक्त उपयोग किया जाएगा। 

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बैठक में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए के सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन श्री पी. राघवेंद्र राव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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