डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने किया दावा, कहा- राजद्रोह भड़काने के आरोप सरासर झूठे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 13, 2021

वाशिंगटन।अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) में हुए दंगों के मामले में महाभियोग का सामना कर रहे देश के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों ने सीनेट में कहा कि रिपब्लिकन नेता पर लगे राजद्रोह भड़काने के आरोप ‘‘सरासर झूठे’’हैं और उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ है। रिपब्लिकन नेता ट्रंप पर अमेरिकी कैपिटल में छह जनवरी को हुए दंगे भड़काने का आरोप है। इन दंगों में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। सीनेट में सुनवाई के चौथे दिन ट्रंप के वकीलों ब्रूस कैस्टर, डेविड शोएन और माइकल वान डेर वीन ने पूर्व राष्ट्रपति के पक्ष में शुक्रवार को एक-एक करके दलीलें पेश कीं और कहा कि ट्रंप कानून-व्यवस्था के कड़े समर्थक हैं तथा उन्होंने कैपिटल में अराजकता नहीं भड़काई।

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कैस्टर ने कहा कि राजद्रोह तब होता है, जब देश की सत्ता हथियाने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस मामले में स्पष्ट रूप से ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने एफबीआई, न्याय मंत्रालय और कई पूर्व एवं मौजूदा अधिकारियों की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि छह जनवरी के दंगे पूर्व नियोजित थे। कैस्टर ने कहा, ‘‘(पूर्व) राष्ट्रपति का इन दंगों में कोई हाथ नहीं है। उन्होंने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हिंसा के इस्तेमाल या गैरकानूनी कदमों को प्रोत्साहित नहीं किया।’’ कैस्टर ने कहा कि राष्ट्रपति शुरुआत से ही इस बात को लेकर स्पष्ट रहे हैं कि कैपिटल पर हमला करने वालों को सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिनिधि सभा के प्रबंधकों ने ट्रंप के वीडियो के साथ छेड़छाड़ की, जिसमें चुनिंदा रूप से उनके भाषण दिखाए गए।

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ट्रंप के वकील वीन ने कहा, ‘‘ऐसा दावा करना एक बेहूदा एवं बड़ा झूठ है कि (पूर्व) राष्ट्रपति ने अराजकता या हिंसा भड़काई या उनकी ऐसा करने की इच्छा थी। कैपिटल में अराजकता के बाद ट्रंप ने पहले दो ट्वीट में कहा था कि ‘शांति बनाए रखें’ और ‘हिंसा नहीं करें क्योंकि हम कानून-व्यवस्था के पक्षधर हैं।’’ ट्रंप के वकीलों ने करीब चार घंटे अपनी दलीलें दीं। इसके बाद महाभियोग की सुनवाई के दौरान जूरी का काम कर रहे सीनेटरों ने दोनों पक्षों से सवाल किए। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद 100 सदस्यीय सीनेट महाभियोग की सुनवाई पर मतदान करेगी। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग पारित करने के लिए सीनेट के 67 मतों की आवश्यकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेताओं के लिए इतने मत हासिल करना मुश्किल है, क्योंकि सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के 50 सदस्य हैं और उन्हें 17 रिपब्लिकन नेताओं के मतों की आवश्यकता है।

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