काका जैसी शोहरत हर किसी को नहीं मिला करती, पढ़ें राजेश खन्ना के जीवन के रोचक किस्से

By अनुराग गुप्ता | Jul 18, 2022

सुपरस्टार राजेश खन्ना किसी पहचान के मोहताज नहीं है। लड़कियों के बीच उनकी दीवानगी इतनी ज्यादा थी कि उन्हें खून के खत लिखे जाते थे और तो और कुछ लड़कियों ने तो उनकी फोटो से ही शादी कर ली थी। लेकिन 18 जुलाई की तारीख शायद ही कोई भूल पाए। क्योंकि 18 जुलाई, 2012 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में राजेश खन्ना ने आखिरी सांस ली थी। अंतिम दिनों में उनका स्वास्थ्य काफी ज्यादा खराब था, उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उस वक्त पूरे देश में उनके लिए दुआएं की जा रही थीं।

हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना का पंजाब के अमृतसर शहर में जन्म हुआ। उनका वास्तविक नाम जतिन खन्ना था लेकिन उन्होंने अपने अंकल के कहने पर अपना नाम बदल लिया था। 1960 और 70 के दशक में राजेश खन्ना का नाम फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था। उनकी एक के बाद एक 15 फिल्में सुपरहिट हुईं। इनमें फिल्म सच्चा झूठा और आनंद के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड मिला। इन फिल्मों के सुपरहिट होने के बाद उन्हें सुपरस्टार कहा जाने लगा था। राजेश खन्ना ने कुल 180 फ़िल्मों और 163 फीचर फ़िल्मों में काम किया है, 128 फ़िल्मों में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। जबकि 22 में दोहरी भूमिका निभाने के अलावा उन्होंने 17 छोटी फ़िल्मों में भी काम किया था।

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आपको बता दें कि राजेश खन्ना के जीवन में एक दौर ऐसा भी आया जब प्रशंसक उनसे इतने ज्यादा प्रभावित थे कि उन्होंने राजेश खन्ना के नाम पर अपना नाम रखना शुरू कर दिया था। दरअसल, हम बात कर रहे हैं 1969 से 1975 के बीच की। उस दौर में पैदा हुए ज्यादातर लड़कों का नाम राजेश रखा गया था।

लाड़-प्यार से पाले गए थे राजेश

राजेश खन्ना को अभिनय स्कूल के जमाने से ही खूब भाता था और कॉलेज पहुंचते-पहुंचते उनकी रूति अभिनय के प्रति और भी ज्यादा बढ़ गई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि राजेश खन्ना को उनके करीबी रिश्तेदार ने पाला था, वो भी बड़े लाड़-प्यार के साथ। राजेश खन्ना को उन लोगों ने कभी भी परायापन महसूस नहीं होने दिया था। अभिनय के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए उन्होंने फिल्म निर्माताओं के दफ्तरों के खूब चक्कर काटे हैं। साल 1966 में उनकी पहली प्रदर्शित फिल्म 'आखिरी खत' रिलीज हुई थी। जिसमें उनके काम को सराहा गया था। हालांकि 3 साल बाद आराधना और दो रास्ते जैसी फिल्मों के सफल होने के बाद उनके करियर का ग्राफ ऊपर की ओर बढ़ना शुरू हो गया था।

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किसी को नहीं मिली काका जैसी लोकप्रियता

सिने जगत के लोग राजेश खन्ना को प्यार से काका कहकर पुकारते थे। उन्होंने संघर्ष के दिनों में भी अपनी रहीशी को कम नहीं होने दिया। उस दौर में वो महंगी कार से फिल्म निर्माताओं के यहां जाया करते थे, जब किसी के पास भी ऐसी कार नहीं हुआ करती थी। हालांकि फिल्म हिट होने के बाद उनके जीवन का संघर्ष कम हो गया और उन्हें सुपरस्टार माना जाने लगा। उन्हें लंबे समय तक लोकप्रियता नहीं मिली लेकिन उनके जैसी लोकप्रियता किसी और ने कभी भी हासिल नहीं की।

लड़कियों ने लिखा था खून से खत

राजेश खन्ना के अभिनय को देखकर लड़कियां पागल हो जाती थीं। उनकी एक झलक पाने के लिए लड़कियां बेचैन हुआ करती थीं। कहा तो यहां तक जाता है कि लड़कियां ने उन्हें खून से खत भी लिखे हैं और तो और उनकी फोटो से ही शादी की है।

- अनुराग गुप्ता

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