Prabhasakshi NewsRoom: International Yoga Day पर पूरी दुनिया ने किया योग, भारत ने विश्व को एक सूत्र में बांध कर दिखा दिया

By नीरज कुमार दुबे | Jun 21, 2024

पूरी दुनिया में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। दुनिया के छोटे-बड़े देशों के शहरों, गांवों और कस्बों से लेकर पहाड़ी इलाकों और समुद्र में तैरते जहाजों से योग करते लोगों की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं वह दर्शा रही हैं कि भारत की योग विद्या की पूरी दुनिया कायल है और हर कोई इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर अपना जीवन स्वस्थ बना रहा है। जो लोग योग को एक खास धर्म से जोड़ कर देखते हैं या उसे एक देश की सीमा में बांध कर देखते हैं वह यदि आज की तस्वीरों को देखेंगे तो पाएंगे कि भारत की प्राचीन योग पद्यति को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अंग बनाने की होड़ में धर्म, जाति, सीमा और स्त्री-पुरुष का भेद मिट चुका है। योग का अर्थ है जोड़ना और जिस तरह योग ने समूची दुनिया को जोड़ कर रख दिया है उससे यह भी साबित होता है कि भारत में ही पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांधने की शक्ति है।

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हम आपको बता दें कि यह कार्यक्रम डल झील के किनारे एसकेआईसीसी के खुले मैदान में होना था लेकिन लगातार बारिश के कारण इसे बड़े हॉल में आयोजित किया गया। अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज पूरी दुनिया में योग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और योग के प्रति लोगों का आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जहां भी जाता हूं, शायद ही कोई नेता (अंतरराष्ट्रीय) होता है जो योग के फायदों के बारे में मुझसे बात नहीं करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुझे योग और साधना की भूमि कश्मीर में आने का सौभाग्य मिला है। योग से हमें जो शक्ति मिलती है, श्रीनगर में हम उसे महसूस कर रहे हैं। मैं देश के सभी लोगों को और दुनिया के कोने-कोने में योग कर रहे लोगों को कश्मीर की धरती से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देता हूं।’’

मोदी ने तुर्कमेनिस्तान, सऊदी अरब, मंगोलिया और जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि योग की प्राचीन विधाएं वहां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं और लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में फ्रांस की 101 वर्षीय महिला शारलोट चोपिन का भी जिक्र किया जिन्हें अपने देश में योग को लोकप्रिय बनाने में उनकी सेवाओं के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मोदी ने कहा कि योग के वैश्विक स्तर पर प्रसार से इसके बारे में धारणा में बदलाव आया है क्योंकि इसके बारे में प्रामाणिक जानकारी हासिल करने के लिए बड़ी संख्या में लोग भारत की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम अब उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में योग पर्यटन देख रहे हैं। लोग भारत आ रहे हैं क्योंकि उन्हें प्रामाणिक योग देखने को मिलता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोग अब फिटनेस के लिए निजी तौर पर योग प्रशिक्षक रख रहे हैं और कंपनियां अपने कर्मचारियों को स्वस्थ रखने के लिए योग के कार्यक्रम भी आयोजित कर रही हैं। इसने आजीविका के नए रास्ते खोले हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि योग आज लोगों के सामने आने वाली कई समस्याओं का समाधान भी करता है। उन्होंने कहा, ‘‘योग केवल ज्ञान नहीं है बल्कि विज्ञान भी है। सूचना क्रांति के इस युग में, सूचना स्रोतों की बाढ़ आ गई है और लोगों के लिए एक विषय पर ध्यान केंद्रित करना भी चुनौती बन गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसका भी समाधान योग में है क्योंकि यह ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। इसलिए सेना से लेकर खेलों तक, योग लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों और अंतरिक्ष परियोजनाओं पर काम करने वाले लोगों को भी योग का प्रशिक्षण दिया जाता है क्योंकि यह काम करने की क्षमता के साथ-साथ सहिष्णुता भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा, ‘‘कई जेलों में तो कैदियों को भी योग सिखाया जाता है ताकि उनकी सोच सकारात्मक हो।’’ मोदी ने संतोष जताया कि जम्मू एवं कश्मीर के लोग भी योग को अपना रहे हैं जिससे केंद्र शासित प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पूरे जम्मू एवं कश्मीर में योग के प्रति जो आकर्षण बना है, जिस उमंग और उत्साह के साथ लोग योग के साथ जुड़ने के लिए आतुर हैं, वह जम्मू कश्मीर के पर्यटन को भी एक नई ताकत देने का अवसर बन गया है।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था और भारत के इस प्रस्ताव का 177 देशों ने समर्थन किया था जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड था। उन्होंने कहा, ‘‘तब से योग दिवस लगातार नए रिकॉर्ड बनाता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 10 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर चुका है। आज पूरी दुनिया में योग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और योग के प्रति लोगों का आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है।’’ 

हम आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाए जाने की घोषणा दिसंबर 2014 में की थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर आया था और इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था। प्रधानमंत्री साल 2015 से हर साल योग दिवस पर आयोजित समारोहों का नेतृत्व करते रहे हैं। उन्होंने दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, रांची, लखनऊ, मैसूर और यहां तक कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय सहित विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों पर योग दिवस समारोहों का नेतृत्व किया है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ है।

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