By रेनू तिवारी | Aug 25, 2026
ईरान की आधिकारिक 'फार्स समाचार एजेंसी' ने सुप्रीम लीडर मोजतबा अली खामेनेई का एक दुर्लभ और अप्रत्याशित वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में 56 वर्षीय ईरानी नेता एक धार्मिक शैक्षणिक अध्ययन सत्र की अध्यक्षता करते नजर आ रहे हैं। इस फुटेज के सामने आने के बाद वैश्विक स्तर पर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर एक नया मोड़ आ गया है। इस रिकॉर्डिंग में पहली बार मोजतबा की आवाज सार्वजनिक रूप से सुनी गई है, जिसमें वे अपने छात्रों के साथ ईरानी शासन के 'इस्लामिक सुरक्षा मॉडल' पर चर्चा करते और एक छात्र की थीसिस का मूल्यांकन करते दिखाई दे रहे हैं।
मोजतबा खामेनेई की दुर्लभ झलक
वीडियो में, मोजतबा एक छात्र की थीसिस प्रस्तुति सुनते हुए दिखाई देते हैं और फिर उसे 20 में से 19.5 अंक देते हैं तथा काम को "बेदाग" बताते हैं। यह वीडियो ईरानी नेता की एक दुर्लभ सार्वजनिक झलक पेश करता है, जो युद्ध शुरू होने के बाद से ही ज़्यादातर लोगों की नज़र से दूर रहे हैं।
56 वर्षीय मोजतबा को ईरान का सुप्रीम लीडर तब नामित किया गया था जब उनके पिता, 86 वर्षीय अली खामेनेई, अमेरिका-इज़राइल हमलों के पहले ही दिन मारे गए थे। इन हमलों ने पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर युद्ध छेड़ दिया था।
सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के कारण उनकी सेहत और ईरान के राजनीतिक व सैन्य ढांचे में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि 28 फरवरी के हमलों के दौरान उन्हें "चेहरे और पैर" पर गंभीर चोटें आई थीं और तब से वे ठीक हो रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, मध्य तेहरान में सुप्रीम लीडर के परिसर पर हुए हमले में मोजतबा का चेहरा बुरी तरह प्रभावित हुआ था और उनके एक या दोनों पैरों में गंभीर चोट आई थी। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि घावों से उबरने के दौरान भी वे "मानसिक रूप से सतर्क" रहे।
वे ऑडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों में भाग लेते रहे हैं और युद्ध तथा वाशिंगटन के साथ बातचीत से जुड़े अहम फैसलों में शामिल रहते हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव
यह नया वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल ही में दोनों देशों के बीच एक शुरुआती समझौता ज्ञापन (MoU) की समय-सीमा खत्म हो गई, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तेहरान के साथ आगे कोई बातचीत नहीं हो रही है।
वॉशिंगटन ने ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने प्रतिबंधों का एक अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद तेहरान की आर्थिक जीवन-रेखाओं को काटना है, क्योंकि युद्ध को छह महीने पूरे होने वाले हैं।
एक और बड़ा विवादित मुद्दा रणनीतिक 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' से शिपिंग को फिर से शुरू करने का है, जहाँ से दुनिया का लगभग पाँचवां हिस्सा तेल और गैस का व्यापार होता है। यह मुद्दा दोनों पक्षों के बीच मतभेद का एक बड़ा कारण बना हुआ है।
बेसेंट ने यह भी घोषणा की कि वॉशिंगटन 'सेकेंडरी प्रतिबंधों' (secondary sanctions) का दायरा बढ़ाएगा और ईरान के साथ व्यापार जारी रखने वाले देशों को चेतावनी दी कि उन्हें भी तेहरान की तरह 'अलग-थलग' होना पड़ सकता है।
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