By एकता | Apr 19, 2026
ईरान और अमेरिका के बीच जल्द ही दूसरे दौर की शांति वार्ता होने की उम्मीद है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौता होने में अभी काफी समय लगेगा। चूंकि बुधवार को दो हफ्ते का युद्धविराम खत्म हो रहा है, इसलिए दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने स्पष्ट किया कि अभी कई बुनियादी मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने दावा किया कि हालिया युद्ध के दौरान ईरान का पलड़ा भारी रहा है। गालिबफ के अनुसार, अमेरिका ने युद्धविराम केवल इसलिए स्वीकार किया क्योंकि उन्होंने ईरान की शर्तें मान ली थीं।
गालिबफ ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्य पूरे करने में नाकाम रहा है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। उनके मुताबिक, बातचीत करना संघर्ष का ही एक तरीका है ताकि ईरान अपने अधिकारों को मजबूती से रख सके।
पिछले दिनों इस्लामाबाद में गालिबफ और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मुलाकात हुई थी, जो 1979 के बाद से दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे उच्च-स्तरीय संपर्क था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक के बावजूद अभी तक बातचीत के अगले दौर के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।