Iran Israel US War Day 26 Updates: ट्रंप का बातचीत का दावा, इजरायल पर मचा रहा कोहराम!

By अभिनय आकाश | Mar 25, 2026

ईरान पर  किए गए हवाई हमलों ने राजधानी तेहरान में भारी तबाही मचाई, लेकिन ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने भी इजराइल के तेल अवीव और पश्चिम एशिया के कई ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए इस्लामिक गणराज्य के साथ बातचीत कर रहा है। हजारों और अमेरिकी मरीन सैनिकों के खाड़ी क्षेत्र की ओर रवाना होने, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर तीव्र हमला जारी रहने और ईरान द्वारा किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार करने के बीच युद्ध तेज होता दिखा। हालांकि, इसके एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान को दी गई वह समयसीमा भी आगे बढ़ा दी, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए नहीं खोलने पर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को हवाई हमलों में निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर तेहरान के नियंत्रण ने वैश्विक स्तर पर माल के परिवहन को बाधित कर दिया है, ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और विश्व अर्थव्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। पाकिस्तान ने राजनयिक वार्ता की मेजबानी की पेशकश की, लेकिन ईरान अपने रुख पर अड़ा रहा और ‘‘पूर्ण विजय प्राप्त होने तक’’ लड़ने की कसम खाई। अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी वार्ता (जिसका मंगलवार को होना बेहद अनिश्चित दिखा) को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

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इजरायली सरकार ने यरुशलम में स्थायी अमेरिकी दूतावास के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी

आज इजरायली अधिकारियों ने यरुशलम में अमेरिकी दूतावास के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की मंजूरी की घोषणा की। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विदेश मंत्री गिदोन सार और निर्माण एवं आवास मंत्री हैम काट्ज़ के साथ एक संयुक्त बयान में इस खबर की घोषणा की। तीनों नेताओं ने इस मंजूरी को एक "महत्वपूर्ण निर्णय" बताया, जो एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम की पूर्ति करता है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अपने पहले कार्यकाल के दौरान यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने और अमेरिकी दूतावास को वहां स्थानांतरित करने के साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय से शुरू हुआ था।

ट्रंप का 15 सूत्रीय प्लान

वाशिंगटन के बदलते उद्देश्यों को अब भी हासिल करना मुश्किल है खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के संदर्भ में। इस बीच, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान सरकार में किसके पास बातचीत करने का अधिकार होगा-या कौन बातचीत करने को तैयार होगा, विशेष रूप से तब, जब इजराइल ने ईरान के कई नेताओं को मारने के बाद उसके अन्य नेताओं को खत्म करना जारी रखने का संकल्प लिया है। ईरान में अमेरिका को लेकर अत्यधिक संशय है, जिसने ट्रंप प्रशासन के तहत दो बार उच्च स्तरीय राजनयिक वार्ता के दौरान हमले किए हैं, जिनमें 28 फरवरी के वे हमले भी शामिल हैं, जिससे मौजूदा युद्ध शुरू हुआ था। गहरे अविश्वास के बीच बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेत रहे हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिका के साथ बातचीत की खबर को ‘फर्जी खबर’ बताया, वहीं अराघची के कार्यालय ने स्वीकार किया कि विदेश मंत्री ने इस सप्ताह अजरबैजान, मिस्र, ओमान, पाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया, तुर्किये और तुर्कमेनिस्तान के अपने समकक्षों के साथ युद्ध के बारे में बातचीत की है। बातचीत की चर्चा से तेल की कीमतों में थोड़े समय के लिए गिरावट आई और बाजार में तेजी आई। लेकिन यह राहत अल्पकालिक रही, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत मंगलवार को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 40 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। ईरान के नेता वाशिंगटन के इरादों को लेकर आशंकित हैं, क्योंकि तेहरान मौजूदा युद्ध शुरू करने वाले अचानक किये गए हमले से पहले अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था।

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