By अभिनय आकाश | Jun 11, 2026
ईरान पर बमबारी कर देते हैं। बनी बनाई बात बिगाड़ देते हैं। तो अमेरिका और इजराइल के बीच चल क्या रहा है? ट्रंप हर मोड़ पर लाचार नजर आ रहे हैं। इजरायल ने सीजफायर का उल्लंघन कर लेबनान पर हमला क्यों किया? और ईरान ने जवाब क्यों दिया? इजराइल क्यों यह सब कर रहा है? इन सवालों के जवाब खोजे जा रहे हैं। इस सवाल का भी कि क्या ईरान पर हमला कर नेतन्याहू ने ट्रंप को चैलेंज कर दिया है या नेतन्याहू को पर्दे के पीछे से ट्रंप ही सपोर्ट कर रहे हैं। तमाम सवालों के जवाब तलाशने के लिए हमने मीडिल ईस्ट मामलों की जानकार डॉ. शुभदा चौधरी जी से खास बातचीत की। जहां हमने पूछा कि क्या ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष सिर्फ न्यूक्लियर मुद्दा है, या इसके पीछे क्षेत्रीय नेतृत्व की लड़ाई भी है?
मुस्तबा खामेनेई साल 1987 से ही आईआऱजीसी से जुड़े हुए हैं, जब ईरान-इराक युद्ध चल रहा था। ईरान में होने वाले इंटरनेट ब्लैकआउट, साइबर सर्विलांस और पूरी सुरक्षा व्यवस्था का कंट्रोल उन्हीं के हाथों में माना जाता है। अक्सर पश्चिमी देश यह दावा करते हैं कि ईरान में वे 'रिजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) कर देंगे, लेकिन जानकारों का मानना है कि मुस्तबा खामेनेई की वजह से IRGC अब पहले से कहीं ज्यादा कट्टर और मजबूत हो चुकी है। ऐसे में अगर इस जंग के बाद कोई पीस डील होती भी है, तो उसका सबसे बड़ा फायदा ईरान और मुस्तबा खामेनेई को ही मिलेगा, क्योंकि जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ को हिला पाना नामुमकिन है।